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रविवार, 15 जुलाई 2018

ज़िन्दगी - कभी चॉकलेट,कभी सजा




ज़िन्दगी जब चॉकलेट होती है,
सरस्वती माँ के आगे अ से बिल्ली कह देने पर भी,
सब प्यार से हँसते हैं,
हर वक़्त दुनिया मुट्ठी में लगती है ।
फिर अचानक एक दिन,
A for के आगे चुप्पी साधे रहने पर,
खींच जाता है कान,
और सज़ा में चॉकलेट नहीं मिलती,
तब ये सारे बड़े बहुत बहुत बुरे लगते हैं 



2 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर बुलेटिन। बढ़िया प्रस्तुति।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

बढ़िया बुलेटिन|

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