नमस्कार
साथियो,
आज से शारदीय नवरात्र का पावन पर्व आरम्भ हो रहा है. आप सभी को मांगलिक
शुभकामनायें.
नवरात्र
हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है. इसे मुख्यतः वर्ष में दो बार मनाया
जाता है. पहला चैत्र माह में, इसी दिन हिन्दू पंचाग के अनुसार नववर्ष होता है. इसके
पश्चात् आश्विन माह की पहली तिथि से शारदीय नवरात्र का शुभारम्भ होता है. आज से घरों
में नौ दिनों तक देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है. बेहद भक्तिभाव से मनाए जाने
वाले इस पर्व में नौ दिनों तक उपवास रखने की परंपरा है. नवरात्र में माँ आदिशक्ति के
नौ रूपों का पूजन किया जाता है. हर दिन शक्ति के अलग रूप की पूजा होती है. इसे नवदुर्गा
के नाम से भी जाना जाता है. हिन्दू धर्म में माता दुर्गा अथवा पार्वती के नौ रूपों
को एक साथ स्वीकार किया गया है. नवरूप में पूज्य प्रत्येक देवी के अलग-अलग वाहन हैं,
अस्त्र-शस्त्र भी अलग हैं परंतु मूलरूप में ये सब एक ही हैं.
इस
श्लोक में नवदुर्गा के नाम क्रमश: दिनों के आधार पर दिये गए हैं-
प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी।
तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति. चतुर्थकम्।।
पंचमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च।
सप्तमं कालरात्रीति.महागौरीति चाष्टमम्।।
नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा: प्रकीर्तिता:।
उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना:।।
नवरात्र की
मंगलकामनाओं सहित आज की बुलेटिन आपके समक्ष है.
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