Subscribe:

Ads 468x60px

कुल पेज दृश्य

प्रियेसी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
प्रियेसी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 13 अगस्त 2013

प्रियेसी

आदरणीय ब्लॉगर मित्रों सादर नमस्कार,
आज की एक झटपट बुलेटिन लेकर हाज़िर हुआ हूँ उम्मीद है कुछ असर तो डालने में कामयाब होगी ।

अरुण अधर, नीले नयन
मुख है चाँद चकोर
प्रियेसी एक होगी ऐसी
वो होगी मनभावन चित्त चोर
आएँगी खुशियों की शाम भी
हो ना ऐ दिल उदास
हर गीत जीवन में देगा
तुझको फिर एक नई आस
करेगा तू उस दिलबर पर
उम्रभर फिर नाज़.… 



आज की कड़ियाँ 

अफ़वाहें और उनसे जूझते हम सब - अविनाश वाचस्पति

एक लडकी के लिए इंजीनियर की प्रेम कविता - मस्ती मालगाड़ी

प्रेम - व्यापार - डॉ मंजुलता सिंह

तीन प्रेम कहानियां और मरलिन मुनरो की कविताएं! - राजेंद्र तिवारी

बातें तुम्हारी प्रिये क्यों ठहरी-ठहरी - अभिरंजन कुमार

मेरी व्यथा - मुकेश

राजस्थान की प्रेम कहानियाँ - रतन सिंह शेखावत

अपने ही मन से कुछ बोलें : अटल बिहारी बाजपेयी - प्रेम सरोवर

लौट आओ - सोम ठाकुर

प्रदीप सैनी की प्रेम कविताएं - बिमलेश

ज्वलंत समय में लिखना प्रेम कविता - प्रशांत

अब इजाज़त | आज के लिए बस यहीं तक | फिर मुलाक़ात होगी | आभार

जय श्री राम | हर हर महादेव शंभू | जय बजरंगबली महाराज 

लेखागार