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शुक्रवार, 21 सितंबर 2012

मौन धरती रह गयी गुमसुम रहा आकाश......



जीवन ठहरता, चक्र घुमाया जा सकता,तो दर्द की हर तहरीर की तस्वीर बदली जा सकती है. पर ऐसा नहीं होता. एक दुखद घटना हुई,बी.एस.पाबला जी के युवा पुत्र गुरप्रीत का आकस्मिक निधन .... स्तब्द्धता की स्थिति में गले, मस्तिष्क में सारे शब्द स्थिर हो गए .
आज भी शब्द स्थिर हैं...वक़्त अपनी धुरी पर चलता जा रहा है, .....बड़ी मुश्किल है !करवटें बदलती ज़िन्दगी का सामना करना
फिर भी पाबला जी के जन्मदिन पर हम अपनी संवेदना उन्हें देते हैं इन पंक्तियों के साथ -
एक लम्बी सी कहानी

भूमिका बन रह गयी

धूप छाँही रंग का

हर ढंग दुनिया कह गयी

मौन धरती रह गयी
गुमसुम रहा आकाश....... दर्द रोने से कम नहीं होता,पर हम सब अपने अश्रु कणों के साथ आपके साथ हमेशा हैं पाबला जी...

सहज होना आसान नहीं, पर होना पड़ता ही है- तो है इंतज़ार आपके लौटने का ...
शुभकामनाओं के साथ
ब्लॉग बुलेटिन परिवार 

शनिवार, 8 सितंबर 2012

दु:खद सूचना

बहुत ही दुखद सूचना है कि हरदिल अजीज़ बी.एस.पाबला जी के युवा पुत्र गुरप्रीत का आकस्मिक निधन आज प्रात: भिलाई में हो गया. गुरप्रीत की अंतिम यात्रा कल 12 बजे दोपहर बी.एस.पाबला जी के रूआंबांधा, भिलाई निवास से निकलेगी. हम सब इस नाजुक और असह्य दुख की घड़ी में पाबला जी के साथ हैं. ईश्वर गुरप्रीत की आत्मा को शांति प्रदान करे.

ॐ शांति शांति शांति !

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