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शुक्रवार, 16 नवंबर 2018

अरेसीबो मैसेज और ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिंदी ब्लॉगर्स को नमस्कार। 
Arecibo Message, Google Doodle: 44 साल पहले आज ही भेजा गया था पहला रेडियो मैसेज
करीब 44 साल पहले आज ही के दिन इंसान ने धरती से बाहर तारों को पहला रेडियो मैसेज भेजा था. गूगल ने इंसान की इस उपलब्धि को सम्मानित करते हुए एक स्पेशल डूडल (Google Doodle On Arecibo Message) तैयार किया है. यह ब्रॉडकास्ट काफी शक्तिशाली था और इसे अरेसीबो मैसेज (Arecibo Message) नाम दिया गया था. गूगल के अनुसार वैज्ञानिकों का एक समूह Puerto Rico के जंगलों में स्थित अरेसीबो ऑब्ज़र्वेटरी में इकट्ठे हुए और पहली बार पृथ्वी के बाहर रेडियो मेसेज भेजा.

3 मिनट के इस रेडियो मेसेज में 1,679 बाइनरी डिजिट्स थे, जिन्हें एक ग्रिड यानी 23 कॉलम और 73 पंक्तियों में व्यवस्थित किया जा सकता था. इन नंबरों की सीरीज का लक्ष्य सितारों का वह समूह था जो पृथ्वी से M-13, 25,000 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित था. यह ब्रॉडकास्ट काफी पावरफुल था क्योंकि इसमें वैज्ञानिकों ने 305 मीटर के एंटीना से जुड़े अरेसीबो के मेगावाट ट्रांसमीटर का इस्तेमाल किया था.

इस ट्रांसमिशन का मुख्य उद्देश्य अरेसीबो द्वारा हाल ही में अपग्रेड किए गए रेडियो टेलिस्कोप की क्षमताओं का प्रदर्शन करना था. जानकारी के मुताबिक भेजा गए अरेसीबो मैसेज को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में 25 हजार साल लगेंगे और अभी तक इसने सिर्फ 259 ट्रिलियन माइल (259 trillion miles) का सफर तय किया है. हालांकि यह मैसेज तारों तक पहुंचा या नहीं यह जानने के लिए मानवजाति को लंबे वक्त तक इंतज़ार करना होगा.


~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~













आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर  ... अभिनन्दन।। 

बुधवार, 8 अगस्त 2018

78वां जन्म दिवस - दिलीप सरदेसाई और ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिंदी ब्लॉगर्स को नमस्कार। 
दिलीप सरदेसाई का आज 78वां जन्मदिन है। वह भारत के मशहूर क्रिकेटर रहे। दिलीप को धीमी गेंदों के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी के लिए जाना जाता था।'नवयुग आदमी' के नाम से लोकप्रिय दिलीप सरदेसाई का जन्म 8 अगस्त 1940 को हुआ था। 1959-60 में अंतर-विश्वविद्यालय रोहिनटन बारिया ट्रॉफी में दिलीप की बल्लेबाजी ने उन्हें विश्व पटल पर लाकर खड़ा कर दिया उनकी इस पारी की बदौलत उन्हें क्रिकेट में काफी ख्याति मिली।उन्होंने 87 की औसत से 435 रन बनाए थे। सरदेसाई ने इंडियन यूनिवर्सिटीज की तरफ से पाकिस्तान टीम के खिलाफ अपने प्रथम-श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत की। 

1961 में कानपुर में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए सरदेसाई ने डेब्यू किया और देश के लिए 30 टेस्ट मैच खेले। दिलीप सरदेसाई ने 1972 में संन्यास लिया। उन्होंने अपना आखिरी मैच दिल्ली में खेला। उन्होंने 5 शतकों और 9 अर्धशतकों की मदद की 2001 रन बनाए। इस दौरान सरदेसाई का औसत 38.48 का रहा।

1961 में कानपुर में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए सरदेसाई ने डेब्यू किया और देश के लिए 30 टेस्ट मैच खेले। दिलीप सरदेसाई ने 1972 में संन्यास लिया। उन्होंने अपना आखिरी मैच दिल्ली में खेला। उन्होंने 5 शतकों और 9 अर्धशतकों की मदद की 2001 रन बनाए। इस दौरान सरदेसाई का औसत 38.48 का रहा।

(साभार : https://hindi.mykhel.com/cricket/know-who-is-dilip-sardesia-google-paid-tribute-him-030650.html)

आज दिलीप सरदेसाई जी के 78वें जन्मदिन पर गूगल ने डूडल बनाकर उनको याद किया।

आज दिलीप सरदेसाई जी के 78वें जन्म दिवस पर हम सब उन्हें याद करते हुए शत शत नमन करते हैं। सादर।।  

~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~













आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।। 

मंगलवार, 22 मई 2018

जन्म दिवस - राजा राममोहन राय और ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिंदी ब्लॉगर्स को नमस्कार। 
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राजा राममोहन राय (अंग्रेज़ी: Raja Ram Mohan Roy, जन्म: 22 मई, 1772; मृत्यु: 27 सितम्बर, 1833) को 'आधुनिक भारतीय समाज का जन्मदाता' कहा जाता है। वे ब्रह्म समाज के संस्थापक, भारतीय भाषायी प्रेस के प्रवर्तक, जनजागरण और सामाजिक सुधार आंदोलन के प्रणेता तथा बंगाल में नव-जागरण युग के पितामह थे। धार्मिक और सामाजिक विकास के क्षेत्र में राजा राममोहन राय का नाम सबसे अग्रणी है। राजा राम मोहन राय ने तत्कालीन भारतीय समाज की कट्टरता, रूढ़िवादिता एवं अंध विश्वासों को दूर करके उसे आधुनिक बनाने का प्रयास किया।



आज गूगल इंडिया ने समाज सुधारक राजा राममोहन राय जी के 246वें जन्म दिवस पर डूडल बनाकर उनको याद किया। 

आज आधुनिक भारत के प्रणेता और समाज सुधारक राजा राममोहन राय जी की 246वीं जयंती पर हम सब उन्हें याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~ 














आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर अभिनन्दन।।

बुधवार, 8 नवंबर 2017

97वां जन्म दिवस - सितारा देवी - ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिंदी ब्लॉगर्स को मेरा सादर नमस्कार।
आज भारत की प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना सितारा देवी जी के 97वें जन्म दिवस पर गूगल उनका डूडल बनाकर उन्हें याद किया।
सितारा देवी (8 नवम्बर, 1920 – 25 नवम्बर, 2014) ) भारत की प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना थीं। जब वे मात्र १६ वर्ष की थीं, तब उनके नृत्य को देखकर रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने उन्हें 'नृत्य सम्राज्ञी' कहकर सम्बोधित किया था। उन्होने भारत तथा विश्व के विभिन्न भागों में नृत्य का प्रदर्शन किया।

इनका जन्म 1920 के दशक की एक दीपावली की पूर्वसंध्या पर कलकत्ता हुआ था। इनका मूल नाम धनलक्ष्मी और घर में धन्नो था। इनको बचपन में मां-बाप के लाड-दुलार से वंचित होना पड़ा था। मुंह टेढ़ा होने के कारण भयभीत मां-बाप ने उसे एक दाई को सौंप दिया जिसने आठ साल की उम्र तक उसका पालन-पोषण किया। इसके बाद ही सितारा देवी अपने मां बाप को देख पाईं। उस समय की परम्परा के अनुसार सितारा देवी का विवाह आठ वर्ष की उम्र में हो गया। उनके ससुराल वाले चाहते थे कि वह घरबार संभालें लेकिन वह स्कूल में पढना चाहती थीं।[1] स्कूल जाने के लिए जिद पकड लेने पर उनका विवाह टूट गया और उन्हें कामछगढ हाई स्कूल में दाखिल कराया गया। वहां उन्होंने मौके पर ही नृत्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन करके सत्यवान और सावित्री की पौराणिक कहानी पर आधारित एक नृत्य नाटिका में भूमिका प्राप्त करने के साथ ही अपने साथी कलाकारों को नृत्य सिखाने का उत्तरदायित्व भी प्राप्त कर लिया।


आज सितारा देवी जी के 97वें जन्म दिवस पर हम सब उन्हें शत शत नमन करते हैं। 


~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~












आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभ संध्या। सादर ... अभिनन्दन।।  

बुधवार, 15 मार्च 2017

140 साल का हुआ टेस्ट क्रिकेट मैच और ब्लॉग बुलेटिन

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार।
टेस्ट क्रिकेट आज 140 साल का सफर पूरा कर चुका है और पहले टेस्ट से अब तक यह बदलाव के लंबे दौर से गुजरा है, न केवल नियम के मामले में बल्कि खिलाड़ियों के आचरण के संदर्भ में भी। खास अवसरों को अपने ही अंदाज में बयां करने वाले गूगल ने टेस्ट क्रिकेट के इस 'जन्मदिन' को अपने ही अंदाज में डूडल के माध्यम से याद किया है। आज हम आपको इतिहास के इस पहले टेस्ट मैच के बारे में बताने जा रहे हैं-

ऑस्ट्रेलिया ने जीता था पहला टेस्ट मैच
वैसे इंटरनेशनल क्रिकेट की बात करें, तो पहला मैच 1844 में संयुक्त राज्य अमरीका और कनाडा के बीच खेला गया था, जो एलिसियन फील्ड्स, हॉबोकन, न्यू जर्सी में खेला गया था, लेकिन क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट यानी टेस्ट क्रिकेट की आधिकारिक शुरुआत 15 मार्च 1877 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में खेले गए इस मैच में इंग्लैंड को 45 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। इंग्लैंड ने अगला टेस्ट मैच जीतकर सीरीज को 1-1 से बराबर कर लिया था। यह मैच चार दिन तक चला था।

किसने बनाया पहला रन और पहला शतक
पहले टेस्ट मैच का टॉस ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। लगभग 1500 दर्शकों की उपस्थिति में कंगारू टीम के लिए पारी की शुरुआत दाएं हाथ के बल्लेबाज चार्ल्स बैनरमैन और दाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज नैट थॉमसन ने की। जहां थॉमसन के लिए पहला ही आधिकारिक मैच बुरा रहा, वहीं बैनरमैन हीरो बनकर उभरे। उन्होंने पारी के पहले ओवर की दूसरी गेंद पर इतिहास का पहला रन लिया। इसके बाद तो वह रुके नहीं और पहले दिन का खेल खत्म होने तक 126 रन बनाकर नाबाद लौटे। इस प्रकार उन्होंने पहले ही टेस्ट मैच में शतक लगाने का गौरव हासिल कर लिया और क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा लिया।

पहला रिटायर्ट हर्ट होने वाला बल्लेबाज
चार्ल्स बैनरमैन ने दूसरे दिन भी शानदार बल्लेबाजी जारी रखी और 165 रन (18 चौके) तक पहुंच गए थे, लेकिन दुर्भाग्य से उनके दाएं हाथ की अंगुली में जॉर्ज यूलिएट की एक गेंद लग गई, जिससे उसमें फ्रैक्चर हो गया और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। इस प्रकार वह इतिहास के पहले रिटायर्ड हर्ट होने वाले बल्लेबाज भी बन गए। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 245 रन बनाए। खास बात यह कि जहां बैनरमैन ने शतक लगाया, वहीं उनकी टीम का अन्य कोई भी बल्लेबाज 18 रन के आंकड़े को भी पार नहीं कर सका।

किसने लिया पहला विकेट
जहां पहले टेस्ट का पहला रन दूसरी गेंद पर बना था, वहीं टेस्ट इतिहास का पहला विकेट इंग्लैंड के गेंदबाज एलन हिल ने चौथे ओवर में लिया था। उन्होंने कंगारू बल्लेबाज नैट थॉमसन को बोल्ड किया था, जो महज एक रन ही बना पाए थे। ऑस्ट्रलिया के एडवर्ड ग्रेगरी शून्य (डक) पर आउट होने वाले पहले बल्लेबाज बने। साथ ही वह रनआउट होने वाले पहले बल्लेबाज भी बन गए।

मिडविंटर ने पहली बार लिए पारी में 5 विकेट
इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच में कंगारू टीम ने 45 रन से जीत हासिल की। इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 196 रन ही बना पाई। ऑस्ट्रेलिया के बिली मिडविंटर ने पहली बार पांच पारी में पांच विकेट झटके। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई टीम 104 नर पर सिमट गई और इंग्लैंड को जीत के लिए 154 रन का लक्ष्य मिला, लेकिन वह भी संघर्ष नहीं कर पाई और 108 रन पर ही पूरी टीम लौट गई। कंगारू गेंदबाज टॉम केंडल ने 55 रन देकर सात विकेट चटकाए।

पहली सीरीज रही बराबर
भले भी इंग्लैंड की टीम पहले टेस्ट में हार गई, लेकिन उसने दूसरे टेस्ट में शानदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराकर सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। इस प्रकार टेस्ट इतिहास की पहली सीरीज बराबर रही। इसके अगले ही वर्ष, ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार इंग्लैंड का दौरा किया।हालांकि इस दौरे में कोई टेस्ट मैच नहीं हुआ। फिर 1882 में सबसे प्रसिद्ध मैच ओवल पर खेला गया, जिससे एशेज सीरीज की शुरुआत हुई।

भारत ने 1932 में खेल पहला टेस्ट मैच
भारत ने 1932 में टेस्ट क्रिकेट खेलना शुरू किया। भारत ने अभी तक 510 टेस्ट मैच खेले हैं। इसमें से 138 में जीत हासिल की है और 158 में उसे हार मिली है। 213 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। एक मैच टाई रहा है। सबसे अधिक टेस्ट मैच खेलने का रिकॉर्ड इंग्लैंड टीम के नाम है।

इंग्लिश टीम ने खेले सबसे ज्यादा टेस्ट
इंग्लिश टीम ने 983 टेस्ट मैच खेले हैं। 351 में उसे जीत मिली है तो 289 में हार का सामना करना पड़ा। 343 मैच डॉ रहे। ऑस्ट्रेलिया ने 799 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से उसे 377 में जीत मिली है। कंगारू टीम महज 214 टेस्ट में हारी है और 2016 मैच ड्रॉ रहे।

बांग्लादेश ने खेले सबसे कम टेस्ट 
सबसे कम टेस्ट मैच की बात करें यह बांग्लादेश के नाम है। इस टीम ने अभी तक 99 टेस्ट मैच खेले हैं। बांग्लादेश 8 टेस्ट मैच जीत पाया है, जबकि 76 में उसे हार का सामना करना पड़ा और 15 मैच ड्रॉ रहे। दुनिया की कुल 10 टीमें टेस्ट क्रिकेट खेल रही हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, इंडिया, न्यू जीलैंड, पाकिस्तान, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका, वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे शामिल हैं।

( साभार : http://www.samacharjagat.com/news/sports/first-test-match-google-celebrates-140th-anniversary-131307 )

अब चलते हैं आज की बुलेटिन की ओर....


अमर शहीद संदीप उन्नीकृष्णन की ४० वीं जयंती

फूलों में खुशबू कहाँ से आती है?

हंस और कौवा, प्रसांगिकता....

प्रश्न पूछो दिवस

नाक पै आफत

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आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।।

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