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शनिवार, 20 जुलाई 2013

अकबर - बीरबल और ब्लॉग बुलेटिन

सभी ब्लॉगर मित्रों को हार्दिक नमस्कार।।

मैं हर्षवर्धन आज आपके सामने अकबर - बीरबल का एक किस्सा प्रस्तुत कर रहा हूँ आशा है कि ये आपको पसंद आएगा।

एक दिन एकांत में बादशाह अकबर के मन में यह सवाल उठा कि संसार में ऐसी कौन सी वस्तु है जिस पर चन्द्रमा और सूरज का प्रकाश ना पड़ता हो। बहुत देर तक सोच - विचार करते रहने पर भी जब उन के दिमाग में कोई बात नहीं आई, तो बादशाह ने यही समझा कि चन्द्रमा और सूरज प्रत्येक वस्तु पर अपना प्रकाश डालते हैं।

कुछ समय बीतने पर बादशाह ने सोचा कि शायद हमारे दरबार में कोई इस सवाल का जवाब दे सके। यह सोच कर एक दिन उन्होंने दरबार में सब के सामने यही सवाल रखा। सभी दरबारी यह सवाल सुनकर एक - दूसरे का मुँह देखते रह गए, किसी को भी इस सवाल का उचित जवाब ही नहीं मिला।

बाद में बीरबल ने कहा , "जहाँपनाह, मेरी समझ में तो इस संसार में अँधेरा ही एक ऐसी वस्तु है जिस पर ना तो चन्द्रमा और ना ही सूरज का प्रकाश पड़ता हो।"   

बादशाह और सभी दरबारी ने एक स्वर में बीरबल के इस उचित तर्क का अनुमोदन किया।


अब चलते आज की बुलेटिन  की और ....









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