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शुक्रवार, 9 नवंबर 2018

भाई दूज, श्री चित्रगुप्त पूजा और ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिंदी ब्लॉगर्स को नमस्कार।




आप सभी को ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से भाई दूज और श्री चित्रगुप्त पूजा की हार्दिक बधाईयाँ और शुभकामनाएँ।।

~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~













आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।। 

सोमवार, 5 नवंबर 2018

धन्वन्तरि दिवस, धनतेरस और ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिंदी ब्लॉगर्स को नमस्कार।
धन्वन्तरि
धन्वन्तरि हिन्दू धर्म में मान्य देवताओं में से एक हैं। भगवान धन्वन्तरि आयुर्वेद जगत् के प्रणेता तथा वैद्यक शास्त्र के देवता माने जाते हैं। भारतीय पौराणिक दृष्टि से 'धनतेरस' को स्वास्थ्य के देवता धन्वन्तरि का दिवस माना जाता है। धन्वन्तरि आरोग्य, सेहत, आयु और तेज के आराध्य देवता हैं। धनतेरस के दिन उनसे प्रार्थना की जाती है कि वे समस्त जगत् को निरोग कर मानव समाज को दीर्घायु प्रदान करें।

देवता एवं दैत्यों के सम्मिलित प्रयास के श्रान्त हो जाने पर समुद्र मन्थन स्वयं क्षीर-सागरशायी कर रहे थे। हलाहल, कामधेनु, ऐरावत, उच्चै:श्रवा अश्व, अप्सराएँ, कौस्तुभमणि, वारुणी, महाशंख, कल्पवृक्ष, चन्द्रमा, लक्ष्मी और कदली वृक्ष उससे प्रकट हो चुके थे। अन्त में हाथ में अमृतपूर्ण स्वर्ण कलश लिये श्याम वर्ण, चतुर्भुज भगवान धन्वन्तरि प्रकट हुए। अमृत-वितरण के पश्चात् देवराज इन्द्र की प्रार्थना पर भगवान धन्वन्तरि ने देव-वैद्य का पद स्वीकार कर लिया। अमरावती उनका निवास बनी। कालक्रम से पृथ्वी पर मनुष्य रोगों से अत्यन्त पीड़ित हो गये। प्रजापति इन्द्र ने धन्वन्तरि जी से प्रार्थना की। भगवान ने काशी के राजा दिवोदास के रूप में पृथ्वी पर अवतार धारण किया। इनकी 'धन्वन्तरि-संहिता' आयुर्वेद का मूल ग्रन्थ है। आयुर्वेद के आदि आचार्य सुश्रुत मुनि ने धन्वन्तरि जी से ही इस शास्त्र का उपदेश प्राप्त किया था।

आज धन्वन्तरि दिवस और धनतेरस पूजा की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।



~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~













आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।। 

सोमवार, 22 जनवरी 2018

बसंत पंचमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ - ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिन्दी ब्लॉगर्स को सादर नमस्कार।



आप सभी को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की ढेर सारी बधाई और हार्दिक शुभकामनाएँ। सादर ... अभिनन्दन।।

~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~










विद्या की देवी को नमन


आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।। 

शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017

गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ - ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिन्दी ब्लॉगर्स को मेरा सादर नमस्कार।
गोवर्धन पूजा अथवा अन्न कूट (अंग्रेज़ी: Govardhan Puja OR Annakut) हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। दीपावली के दूसरे दिन सायंकाल ब्रज में गोवर्धन पूजा का विशेष आयोजन होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने आज ही के दिन इन्द्र का मानमर्दन कर गिरिराज पूजन किया था। इस दिन मन्दिरों में अन्नकूट किया जाता है। सायंकाल गोबर के गोवर्धन बनाकर पूजा की जाती है।

धार्मिक मान्यता

वेदों में इस दिन वरुण, इन्द्र, अग्नि आदि देवताओं की पूजा का विधान है। इसी दिन बलि पूजा, गोवर्धन पूजा, मार्गपाली आदि होते हैं। इस दिन गाय-बैल आदि पशुओं को स्नान कराकर, फूल माला, धूप, चंदन आदि से उनका पूजन किया जाता है। गायों को मिठाई खिलाकर उनकी आरती उतारी जाती है। यह ब्रजवासियों का मुख्य त्योहार है। अन्नकूट या गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारम्भ हुई। उस समय लोग इन्द्र भगवान की पूजा करते थे तथा छप्पन प्रकार के भोजन बनाकर तरह-तरह के पकवान व मिठाइयों का भोग लगाया जाता था। ये पकवान तथा मिठाइयां इतनी मात्रा में होती थीं कि उनका पूरा पहाड़ ही बन जाता था।

अन्न कूट

अन्न कूट एक प्रकार से सामूहिक भोज का आयोजन है जिसमें पूरा परिवार और वंश एक जगह बनाई गई रसोई से भोजन करता है। इस दिन चावल, बाजरा, कढ़ी, साबुत मूंग, चौड़ा तथा सभी सब्जियां एक जगह मिलाकर बनाई जाती हैं। मंदिरों में भी अन्नकूट बनाकर प्रसाद के रूप में बांटा जाता है।


सभी देशवासियों को गोवर्धन पूजा अथवा अन्न कूट की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ। सादर ... अभिनन्दन।।


~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~













आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।। 

बुधवार, 18 अक्टूबर 2017

दीवा जलाना कब मना है ? - ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिन्दी ब्लॉगर्स को मेरा सादर नमस्कार।

दीवा जलाना कब मना है ?

है अँधेरी रात पर ,
दीवा जलाना कब मना है ?
क्या हवाएँ थीं की उजड़ा 
प्यार का वह आशियाना 
कुछ न आया काम तेरा
शोर करना , गुल मचाना ,
नाश की उन शक्तियों के
साथ चलता ज़ोर किसका ,
किंतु ऐ निर्माण के प्रतिनिधि ,
तुझे होगा बताना जो बसे हैं 
वे उजड़ते हैं प्रकृति के जड़ नियम से ,
पर किसी उजड़े हुए को 
फ़िर बसाना कब मना है ?
है अँधेरी रात पर 
दीवा जलाना कब मना है ?

                                   - डॉ . हरिवंश राय 'बच्चन'


सभी देशवासियों को दीपोत्सव के पावन पर्व 'दीपावली' की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ। सादर ... अभिनन्दन।।  


~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~













आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभ संध्या। सादर ...अभिनन्दन।। 

मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017

धनतेरस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ - ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिन्दी ब्लॉगर्स को मेरा सादर नमस्कार।
धनतेरस के लिए चित्र परिणाम
सभी देशवासियों को धनतेरस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ। सादर ... अभिनन्दन।। 


~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~















आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर .... अभिनन्दन।।

बुधवार, 1 फ़रवरी 2017

ब्लॉग बुलेटिन - बसंत पंचमी

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार। 

आप सभी को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की ढेर सारी बधाई और हार्दिक शुभकामनाएँ। सादर ... अभिनन्दन।।


अब चलते हैं आज कि बुलेटिन की ओर  ..... 













आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।।

बुधवार, 13 जनवरी 2016

ब्लॉग बुलेटिन - लोहड़ी की लख-लख बधाईयाँ

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार।



सभी भारतवासियों को लोहड़ी पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ।



अब चलते हैं आज की बुलेटिन की ओर..........











आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे, शुभरात्रि। सादर  … अभिनन्दन।।

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