सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार।
विश्व हास्य दिवस (अंग्रेज़ी: World Laughter Day) प्रत्येक वर्ष 'मई' माह के प्रथम रविवार को मनाया जाता है। मनोवैज्ञानिक प्रयोगों से यह स्पष्ट हुआ है कि अधिक हँसने वाले बच्चे अधिक बुद्धिमान होते हैं। हँसना सभी के शारीरिक व मानसिक विकास में अत्यंत सहायक है। जापान के लोग अपने बच्चों को प्रारंभ से ही हँसते रहने की शिक्षा देते हैं। इस समय जब अधिकांश विश्व आतंकवाद के डर से सहमा हुआ है, तब 'विश्व हास्य दिवस' की अत्यधिक आवश्यकता महसूस होती है। इससे पहले इस दुनिया में इतनी अशांति कभी नहीं देखी गई। आज हर व्यक्ति के अंदर कोहराम मचा हुआ है। ऐसे में हंसी दुनियाभर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकती है।
अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस (अंग्रेज़ी: World Press Freedom Day) प्रत्येक वर्ष '3 मई को मनाया जाता है। प्रेस किसी भी समाज का आइना होता है। प्रेस की आज़ादी से यह बात साबित होती है कि उस देश में अभिव्यक्ति की कितनी स्वतंत्रता है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रेस की स्वतंत्रता एक मौलिक जरूरत है। आज हम एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं, जहाँ अपनी दुनिया से बाहर निकल कर आसपास घटित होने वाली घटनाओं के बारे में जानने का अधिक वक्त हमारे पास नहीं होता। ऐसे में प्रेस और मीडिया हमारे लिए एक खबर वाहक का काम करती हैं, जो हर सवेरे हमारी टेबल पर गरमा गर्म खबरें परोसती हैं। यही खबरें हमें दुनिया से जोड़े रखती हैं। आज प्रेस दुनिया में खबरें पहुंचाने का सबसे बेहतरीन माध्यम है।
नो एक्शन प्लीज
दाता एक राम भिखारी सारी दुनिया
जीवन के अंतिम दिनों में गौतम बुद्ध / रमेशराज
बाबा साहब अम्बेडकर: साझी विरासत : प्रेमपाल शर्मा
हम हिंदुस्तानी
गांव का मकान
नमन तुम्हें हे भुवन भास्कर
बिखरे सपने
फिर खिला है अमलतास
समय गवाह है पर
दाता एक राम भिखारी सारी दुनिया
जीवन के अंतिम दिनों में गौतम बुद्ध / रमेशराज
बाबा साहब अम्बेडकर: साझी विरासत : प्रेमपाल शर्मा
हम हिंदुस्तानी
गांव का मकान
नमन तुम्हें हे भुवन भास्कर
बिखरे सपने
फिर खिला है अमलतास
समय गवाह है पर
आज की बुलेटिन में सिर्फ इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ...अभिनन्दन।।


