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गुरुवार, 21 अप्रैल 2016

अन्धविश्वास पर विश्वास भरी ब्लॉग-बुलेटिन

जमाना चाहे केतना भी एड्भांस हो जाए, अंधबिस्वास खतम नहीं होता है. अऊर अंधबिस्वास भी अजीब-अजीब तरह का पालता है लोग जिसका कोनो सिर पैर नहीं होता है. अब बताइए कि दही खाकर काम करने से ऊ काम सफल होता है, त सफलता में दही का हाथ है कि अदमी के मेहनत का! करिया बिलाई रस्ता काट दे त काम बिगड़ जाता है. अऊर कहीं बिलाइये का एक्सीडेण्ट हो जाए त कौन दोसी. घर से निकलते कोई छींक दिया त काम खराब. अऊर काम अच्छा हो गया तब?

अब केतना गिनाया जाए. जेतना समाज, ओतना अंधबिस्वास. कहाँ से सुरू हुआ, अऊर कब से चला आ रहा है ई सब, कोई नहीं जानता है. अब देखिए न, हम नोएडा में जो अपार्टमेंट में रहते थे,  उसमें फ्लैट नं. 419 के बाद 421 नम्बर फ्लैट है. बास्तव में 420 नम्बर मिटा के भाई लोग 421 बना दिया है. अब सोचिए त, नम्बर 420 होने से कहीं अदमी दू नम्बरी हो जाता है? मगर का कीजियेगा, मन का भरम का कोनो ईलाज नहीं.

एही नम्बर का बात से एगो अऊर बात याद आ गया. होस्पिटल में देखे हैं, 13 नम्बर बेड नहीं होता है. 12 नम्बर के बाद 12—ए होता है. अरे भाई तेरह नम्बर का पावर एतना तगड़ा हो गया कि डाक्टर का काबलियत भी हार जाता है! कमाल है!! अब इम्तेहान में रोल नम्बर 13 हो गया, त इस्टुडेण्ट पढाइए छोड़ कर बईठ जाएगा?
 
एगो मजेदार बात बताते हैं..सायद बहुत सा लोग को मालूम होगा. बाकी जो लोग नहीं जानता है उनको बताते हैं. चंडीगढ शहर का खासियत है कि ओहाँ इलाका सेक्टर में बिभाजित है अऊर रोड का नाम कोनो नेता अऊर महापुरुस के नाम पर नहीं है. मगर आस्चर्ज का बात है कि ओहाँ 13 सेक्टर नहीं है. इहो अंधबिस्वास का नतीजा है. लेकिन इसमें भी खूब सुंदर अंधबिस्वास छिपा है. 
13 के अलावा जेतना सेक्टर है, उसका नम्बर एतना हिसाब से बइठाया हुआ है कि आप कोनो आमने सामने वाला दूगो सेक्टर का नम्बर जोड़िए त ऊ 13 का गुणक होगा. जैसे 44 सेक्टर का सामने 34 सेक्टर...  दुनो का जोड़ हुआ 44+34=78 अऊर 78= 13X6. अब ई सब सेक्टर के नम्बर पर लागू होता है.

अब ई जिसका भी दिमाग का उपज है उसको सलाम करने का मन होता है. 13 नम्बर भी निकाल दिया अऊर एतना खुबसुरती से 13 नम्बर को सब सेक्टर के नमबर के बीच में डाल दिया जइसे माला के बीच में धागा, ऊपर से देखाई नहीं देता है अऊर सब मोती को बाँधकर माला में समेटे रहता है.

अब ई बुलेटिन भी त ओइसने धागा है जो आपलोग को एतना साल से मोती के तरह बाँधकर अऊर प्यार से समेटकर रखे हुये है. अऊर प्यार प्यार में हम पहुँच गये हैं 1300 के आँकड़ा पर. त पीठ ठोंकिये हमारा अऊर धन्यवाद कीजिये अपना सब का कि आपको हमरा तेरवीं देखने का माफ कीजियेगा तेरहसौवीं बुलेटिन पढने का अवसर मिला. आप प्यार बरसाते जाइये अऊर हम जीरो लगाते जाएँगे!

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