प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |
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आज से १०१ साल पहले यानि ५ अगस्त १९१४ मे पहला सुरक्षित, स्वत: बिजली ट्रैफिक लाइट संयुक्त राज्य अमेरिका मे स्थापित किया गया था |
इसी की यादगार स्वरूप आज गूगल ने भी अपना डूडल कुछ इसी अंदाज़ मे प्रस्तुत किया |
ट्रैफिक लाइट - यातायात सिग्नल , यातायात लैंप, यातायात सिकंदरा, सिग्नल लाइट, और रोकने वाले लाइट्स के नाम से भी जाने जाते है, और तकनिकी रूप से ट्रैफिक नियंत्रण सिग्नल्स नाम से जाने जाते है | ये
संकेत देने वाले उपकरण है जोकि सड़क चौराहों, पैदल यात्री क्रॉसिंगों और
दूसरी जगह तैनात रहते है जो यातायात के भीड़ को नियंत्रण में रखते है।सबसे
पहला गैस से जलने वाला हस्तचालित ट्रैफिक लाइट लंदन में 1868 में स्थापित किया गया था, हालांकि ये विस्फोट के कारण अधिक दिनो तक नही रहे। पहला सुरक्षित, स्वत: बिजली ट्रैफिक लाइट संयुक्त राज्य अमेरिका में ५ अगस्त १९१४ मे स्थापित किया गया |
ट्रैफिक लाइट एक सार्वभौमिक रंग कोड
एक स्तर रंग (लाल, पीले और हरे रंग) की रोशनी में प्रदर्शित करके सड़क
उपयोगकर्ताओं के लिए निचे दिये गये रास्ते से सही विकल्पि देते। रंग चरणों
की विशिष्ट अनुक्रम में:
- यातायात दिशा में हरे रंग का प्रकाश, चिह्नित आगे बढ़ने के लिए अनुमति देता है।
- ब्रिटेन जैसे देशो मे पीला (या एम्बर) प्रकाश यह चेतावनी देत है कि सिगनल हरे रंग से लाल मे बदल जयेगा।
- चमकता हुआ पीला प्रकाश एक चेतवनी का संकेत है।
- लाल सिग्नल यातायात पर प्रतिबंध लगने का संकेत देता है।
- एक चमकता हुआ लाल प्रकाश रुकने का संकेत देता है।
आज के दिन हम यही आशा करते है कि हर भारत वासी ... ख़ास तौर पर शहरी नागरिक ... एक आदर्श नागरिक होने का सबूत पेश करते हुये सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करेंगे और अपने साथ साथ बाकियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे| यह एक कटु सत्य है कि भारत मे ज़्यादातर दुर्घटनाएँ ट्रैफिक नियमों की अवहेलना के कारण ही होती हैं |
सादर आपका
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भगत सिँह के विचार
कार्टून :- कोई आतंकवादी पाकी नहीं होता.
भय
स्मृतियों का आकाश
अष्टावक्र गीता - भाव पद्यानुवाद (दूसरी कड़ी)
मेरी बेटी और डायबिटीज़
उगलियाँ ही उगलियौं मे गढ़ रही हैं ऐसा क्यों?
♥शर शैय्या...♥
अपनी आज़ादी के गीत गाते रहे
एक हिन्दी ग़ज़ल
क्योंकि मै एक लड़की हूँ.....
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अब आज्ञा दीजिये ...
जय हिन्द !!!




