आदरणीय ब्लॉगर मित्रों,
सादर नमस्कार,
आज ४ जून है और यह दिन सदैव भारत के इतिहास में काले दिवस के रूप में जाना जाएगा. आज ही के दिन सरकार ने कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले लाखों देश भक्तों को खत्म करने का घिनौना षड्यंत्र रचा था | आज से २ वर्ष पहले २०११ में आज ही के दिन रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन करते बाबा रामदेव और उनके सह कर्मियों और सहयोगियों पर रात के अँधेरे में बिना सूचित किये लाठी चार्ज किया गया था | इस लाठी चार्ज में बाबाजी के साथ, राज बाला और एनी बहुत से लोग घायल हुए थे और इस दिन बहुत कुछ बदल गया था तथा बहुत कुछ पता चला था | जैसे:
- यह पता चला के पुलिस सरकार के इशारे पर कुछ भी कर सकती है, वह जनता के लिए नहीं है |
- यह भी पता चला कि सभी जन आन्दोलनकर्ता स्वामी रामदेव की तरह नहीं है | वक़्त बदलते ही वे भी पाला बदलते है |
- यह भी पता चला के महिलाएं दिल्ली में सुरक्षित नहीं है |
- यह भी पता चला के सरकार काला धन वापस नहीं लाएगी , क्योंकि ये तो उन्ही का प्रताप है के आज कला धन स्विस बैंकों में है |
- यह भी स्पष्ट हुआ के व्यवस्था परिवर्तन बिना काला धन वापस आना संभव नहीं है |
- यह भी ज्ञात हुआ के विदेशी फंड द्वारा चलने वाले एनजीओ संचालकों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए |
- एक बहुत बड़ी और ज़रूरी बात से पर्दा उठा के मीडिया का कोई भरोसा नहीं है | यह मीडिया वाले कवरेज दे रहे होते हैं, पर कब आपकी कमज़ोर नस पकड़ कर आप पर उलट वार करने लग जायेंगे आपको खुद भी पता नहीं चलेगा |
- सीबीआई सरकार की पालतू है जिसका का दुरुपयोग कभी भी, कहीं भी, कैसे भी, हो सकता है |
- एक बात और स्पष्ट हुई के कौनसा राजनीतिक दल विशवास करने योग्य है और कौनसा नहीं |
- काश!! राजीव भाई भी उस समय होते, तो उनमे भी ये सब बदलाव आते, जो उनके आगे व्याख्यानों में दिखाई देते | जो काम अब हम आगे बढ़ाना चाहते है | आज हमें भी उन्ही की तरह सोचना है और भारत को आगे बढ़ाना है और भ्रष्टाचार, चोर उचक्कों और जयचंदो से बचाना है |
- हम यह भी सोचने को मजबूर हुए के आज की परिस्थिति में यदि राजीव भाई जीवित होते तो वे व्यवस्था परिवर्तन के लिए किसका साथ देते |
मुद्दे और भी है पर सभी तरह के मुद्दों को इस समय उठाना संभव नहीं है | परन्तु यदि हर भारतीय अपने ह्रदय में प्रण कर ले के भ्रष्टाचार का सफाया करना है और इस गूंगी, बहरी और चोर सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकना है तब ही मैं समझता हूँ के भारत के सुनहरे दिन वापस आ पाएंगे | जागो भारत वासियों जागो | अब निर्णय लेने का समय आ गया है |
आज की कड़ियाँ
आज के लिए बस इतना ही | कल फिर मुलाक़ात होगी | धन्यवाद् |
जय हो | जय श्री राम | हर हर महादेव | जय बजरंगबली
















