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रविवार, 4 मई 2014

विश्व हास्य दिवस - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों ,
प्रणाम |
आज विश्व हास्य दिवस है जो कि विश्व भर में मई महीने के पहले रविवार को मनाया जाता है। इसका विश्व दिवस के रूप में प्रथम आयोजन ११ जनवरी, १९९८ को मुंबई में किया गया था। विश्व हास्य योग आंदोलन की स्थापना का श्रेय डॉ मदन कटारिया को जाता है। हास्य योग के अनुसार, हास्य सकारात्मक और शक्तिशाली भावना है जिसमें व्यक्ति को ऊर्जावान और संसार को शांतिपर्ण बनाने के सभी तत्व उपस्थित रहते हैं। विश्व हास्य दिवस का आरंभ संसार में शांति की स्थापना और मानवमात्र में भाईचारे और सदभाव के उद्देश्य से हुई। विश्व हास्य दिवस की लोकप्रियता हास्य योग आंदोलन के माध्यम से पूरी दुनिया में फैल गई। आज पूरे विश्व में छह हजार से भी अधिक हास्य क्लब हैं। इस मौके पर विश्व के बहुत से शहरों में रैलियां, गोष्ठियां एवं सम्मेलन आयोजित किये जाते हैं।



हास्य दिवस का उद्देश्य

इस समय जब अधिकांश विश्व आतंकवाद के डर से सहमा हुआ है तब हास्य दिवस की अत्यधिक आवश्यकता महसूस होती है। इससे पहले इस दुनिया में इतनी अशांति कभी नहीं देखी गई। आज हर व्यक्ति के अंदर कोहराम मचा हुआ है। ऐसे में हंसी दुनियाभर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकती है। हास्य योग के अनुसार, हास्य सकारात्मक और शक्तिशाली भावना है जिसमें व्यक्ति को ऊर्जावान और संसार को शांतिपूर्ण बनाने के सभी तत्व उपस्थित रहते हैं। यह व्यक्ति के विद्युत-चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित करता है और व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।  जब व्यक्ति समूह में हंसता है तो यह सकारात्मक ऊर्जा पूरे क्षेत्र में फैल जाता है और क्षेत्र से नकारात्मक ऊर्जा को हटाता है।

हास्य एक सार्वभौमिक भाषा है।  इसमें जाति, धर्म, रंग, लिंग से परे रहकर मानवता को समन्वय करने की क्षमता है। हंसी विभिन्न समुदायों को जोड़कर नए विश्व का निर्माण कर सकते हैं। यह विचार भले ही काल्पनिक लगता हो, लेकिन लोगों में गहरा विश्वास है कि हंसी ही दुनिया को एकजुट कर सकती है। मानव शरीर में पेट और छाती के बीच में एक झिल्ली होती है, जो हँसते समय धौंकनी का कार्य करती है। और परिणामतः पेट, फेफड़े और यकृत की मालिश हो जाती है। हँसने से प्राणवायु का संचार अधिक होता है व दूषित वायु बाहर निकलती है। नियमित रूप से खुलकर हँसना शरीर के सभी अवयवों को ताकतवर और पुष्ट करता है व शरीर में रक्त संचार की गति बढ़ जाती है तथा पाचन तंत्र अधिक कुशलता से कार्य करता है।
(मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से साभार)
ब्लॉग बुलेटिन की पूरी टीम की ओर से आप सभी को विश्व हास्य दिवस की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !
सादर आपका
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वर्मा फ़िल्म्स

चला बिहारी ब्लॉगर बनने at चला बिहारी ब्लॉगर बनने 








 

लायन सफारी , डियर पार्क , सिलवासा , दादरा व नगर हवेली




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अब आज्ञा दीजिये ... चलते चलते विश्व हास्य दिवस के अवसर पर एक शे'र पेश ए खिदमत है :-
 
तो साहब अर्ज़ किया है कि 
 
हम तो निकले थे तलाशे इश्क में;
अपनी तनहाईयों से लड़ कर;
.
.
.
मगर
.
.
.
गर्मी बहुत थी, चिल्ड कोल्ड ड्रिंक पी के वापिस आ गए।
 
 
यूँ ही मुसकुराते रहिए ... हँसते ... हँसाते ... रहिए |
 
जय हिन्द !!! 

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