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मंगलवार, 4 फ़रवरी 2014

बसन्त पंचमी, विश्व कैंसर दिवस, फेसबुक के 10 साल और ब्लॉग बुलेटिन

सभी चिट्ठाकार मित्रों को सादर नमस्कार।। 

आप सभी को बसन्त पंचमी और सरस्वती पूजा की ढेर सारी शुभकामनाएँ।।


वैसे आज दो और खास बातें हैं आज विश्व कैंसर दिवस भी है और वही हम सबके पसंदीदा सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने अपने स्थापना के 10 वर्ष भी पूर्ण कर लिए है। फेसबुक के संस्थापक और इसके मालिक मार्क जुकरबर्ग हैं।




विश्व कैंसर दिवस प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी को मनाया जाता है इसको मनाने का उद्देश्य यह है कि लोगों को कैंसर नामक बीमारी के बारे जानकारी हो सके और सभी लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ही विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। 


अब चलते हैं आज कि बुलेटिन की ओर  ....... 















कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि।।

सोमवार, 22 जुलाई 2013

जानिए क्या कहती है आप की प्रोफ़ाइल फोटो - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों ,
प्रणाम !

पिछले दिनों फेसबुक पर पाबला सर ने एक चर्चा चलाई कि किस ने अपनी प्रोफ़ाइल फोटो सब से कम बार बदली है या बदली ही नहीं है ... खुद पाबला सर ने अपनी प्रोफ़ाइल फोटो सालों से वही रखी हुई है ... उनका साथ देने काजल कुमार जी भी आ गए ... ऐसे मे मैंने वहाँ से निकल लेने मे ही भलाई समझी क्यों कि मैं तो आए दिन अपनी प्रोफ़ाइल फोटो बदलता रहता हूँ ! पर इस चर्चा से दिमाग मे एक सवाल बैठ गया कि प्रोफ़ाइल फोटो बदलने या न बदलने से क्या फर्क पड़ता है और हमारी प्रोफ़ाइल फोटो कैसी होनी चाहिए !?

रात गई सो बात गई की तर्ज़ पर यह सवाल भी दिमाग से उतर गया पर आज नेट पर खबरें पढ़ते हुये एक खबर पर निगाह गई और एक बार फिर यह सवाल ताज़ा हो गया !

लीजिये आप भी पढ़िये !

क्या आप फेसबुक पर नए दोस्तों की तलाश उनके प्रोफाइल की फोटो को देखकर करते हैं? या फिर आप अक्सर अपने फेसबुक प्रोफाइल पर नई-नई फोटो बदलते रहते हैं। सोशल नेटवर्किंग के जमाने में हम सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स पर जो गतिविधियां करते हैं वे हमारी मानसिकता और व्यक्तित्व से काफी हद तक जुड़ी हुई हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी के एक शोध की मानें तो फेसबुक पर हमारी गतिविधियां हमारी मान‌स‌िक स्थिति का संकेत देती हैं। अगर आप फेसबुक पर किसी नए शख्स से जुड़े हैं तो उसकी प्रोफाइल फोटो के आधार पर आप उसके व्यक्तित्व का अंदाजा ऐसे लगा सकते हैं।

पोट्रेट
पोट्रेट प्रोफाइल फोटो से मतलब है आपका ऐसा फोटो जिसमें कमर से ऊपर तक का हिस्सा दिखे और चेहरा साफ लगे। ऐसे लोग सामान्य व्यवहार वाले और आत्मविश्वासी होते हैं। जिस फोटो में कंधे से ऊपर तक का क्लोज अप होता है वे आत्मकेंद्रित किस्म के हो सकते हैं।

लौंग शॉट 
कई बार आपने ऐसे प्रोफाइल फोटो देखे होंगे जिसमें व्यक्ति किसी फ्रेम में इस तरह सेट होता है कि ऊपर से नीचे तक वह पूरा नजर आता है लेकिन उसे स्पष्ट तरीके से देखा नहीं जा सकता। आप अपने व्यक्तिगत जीवन को सार्वजनिक नहीं करना चाहते हैं और थोड़े शर्मीले हैं।

बहुत अधिक क्लोज़अप
इस तरह की प्रोफाइल फोटो में चेहरा इतना करीब होता है कि साफ-साफ समझ नहीं आता कि फोटो का सब्जेक्ट क्या है। ऐसी प्रोफाइल फोटो वाले लोगों असुरक्षा की भावना हो सकती है या फिर आत्मविश्वास कम हो सकता है। 

पुरानी फोटो
कुछ लोगों का प्रोफाइल देखा होगा जिसमें वे अपने बचपन या कई साल पहले की फोटो को प्रोफाइल फोटो बनाकर लगाते होंगे। अक्सर ऐसे लोग वर्तमान से बेहतर अपने गुजरे कल को मानते हैं और जरूरत से ज्यादा भूत को लेकर संवेदनशील होते हैं। हां, यह भी हो सकता है कि वे ज्यादा फोटोजेनिक न हों।

पर‌िवार व बच्चों की फोटो
अक्सर कुछ लोग अपनी प्रोफाइल फोटो में बच्चों और अपने परिवार का फोटो लगाते हैं। ऐसे लोग सामाजिक जीवन में यकीन रखते हैं और अपने व्यक्तिगत जीवन को सबके सामने लाने से गुरेज नहीं करते हैं। हां, बार-बार बच्चों की फोटो बदल-बदल कर लगाने वाले लोग शायद ऐसे हो सकते हैं जो हर समय सिर्फ अपनी ही गाते हों।

पार्टी करते हुए फोटो
किसी खास अवसर की बात कुछ और है पर कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो दोस्तों के साथ मौज-मस्ती और पार्टी की फोटो को अपने प्रोफाइल की पहचान ही बना लेते हैं। ऐसे लोग थोड़े गैरजिम्मेदार होते हैं और इनकी खुद की कोई पहचान नहीं होती है।

आर्ट पोर्टफोलियो
प्रोफाइल पोर्टफोलियो में आर्ट पीस, बिना सब्जेक्ट की पेंटिंग, सीनरी आदि लगाने वाले लोग अमूमन इस कोशिश में अधिक रहते हैं कि लोग उन्हें बुद्धिजीवी समझें पर असलियत में उनकी पसंद क्या है, इस बारे में वे खुद तय नहीं कर पाते हैं। हालांकि इसके अपवाद भी हो सकते हैं।

अब आप क्या करते है यह तो आप ही बताएं ... फिलहाल मैं आप को लिए चलता हूँ आज की बुलेटिन की ओर !

सादर आपका 
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आधा पागल ?

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अब आज्ञा दीजिये ...

जय हिन्द !!!

लेखागार