दिल्ली में प्रत्येक वर्ष लगने वाला दिल्ली पुस्तक मेला आज से शुरू हो गया है और अब हमारे तमाम ब्लॉगर ,ब्लॉगर से नामी गिरामी लेखक और जाने क्या क्या हो गए हैं | मगर इन पुस्तक मेले के दिनों में सबकी अचानक और नियोजित भी, मुलाक़ात , बात , किताबें , सब कुछ कुल मिलकर यादगार बन जाते हैं |
मैं खुद कम से कम तीन दिन वहां पाया जाता हूँ | तो तैयार हो जाइये आपको अगले एक हफ्ते ताक ऐसी मुलाकातों की रपट पढ़ने देखने को मिलेगी , चलिए वो तो जब मिलेगी तब मिलेगी , फिलहाल आपको ये उम्दा पोस्टें पढ़नी हैं |
बबीता सिंह बता रही हैं एक सटीक और प्रभावी निबंध कैसे लिखें
प्रतिभा कटियार की दुनिया में उनका साथ दें
प्यार की सौंगंध क्या चीज़ है।.....ये बता रही हैं डा शरद सिंह
जीवन अनमोल है , सचमुच ही है , और यही कह रही हैं आज अपने ब्लॉग में शशि पुरवार जी
अनुराधा चौहान ने अपने मन की पीड़ा यहां उड़ेल दी है , आप भी बांचिए और बाँटिये
गोदियाल जी अपनी सशक्त लेखनी से सोशल नेटवर्किंग में बढ़ते एंटी सोशल नेट्वर्किंग से उसके खतरे में पड़ने की चेतावनी दे रहे हैं |
बारिश में ओस की बूँद सहेज कर लाई हैं रेवा जी , देखिये आप भी
आज अमर शहीद राजगुरू की ११० वीं जयंती पर उनको नमन कर रहे हैं भाई शिवम् मिश्रा अपने ब्लॉग बुरा भला पर |
चलिए आज के लिए इतना यही , फिर मिलता हूँ जल्दी ही |
पढ़ते रहिये , लिखते रहिये
फेबुक के साथ यहां भी दिखते रहिये |
आप सबको स्नेह और शुभकामनायें , शुभरात्रि


