सभी हिंदी ब्लॉगर्स को नमस्कार।
वराह जयन्ती भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि को भगवान विष्णु ने वराह अवतार लिया था, और हिरण्याक्ष नामक दैत्य का वध किया। भगवान विष्णु के इस अवतार में श्रीहरि पापियों का अंत करके धर्म की रक्षा करते हैं। वराह जयन्ती भगवान के इसी अवतरण को प्रकट करती है। इस जयन्ती के अवसर पर भक्त लोग भगवान का भजन-कीर्तन व उपवास एवं व्रत इत्यादि का पालन करते हैं।
आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।।
आप सभी को वराह जयन्ती की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~
आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।।


