सभी ब्लॉगर मित्रों को सादर नमस्कार।।
आज मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब जी की 145वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर आपके समक्ष प्रस्तुत है उनके कुछ यादगार शेर -
आज मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब जी की 145वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर आपके समक्ष प्रस्तुत है उनके कुछ यादगार शेर -
"हैं और भी दुनिया में सुखनवर बहुत अच्छे,
कहते हैं ग़ालिब का है अंदाज़-ए-बयां और।"
कहते हैं ग़ालिब का है अंदाज़-ए-बयां और।"
"हमने माना के तगाफुल न करोगे लेकिन,
ख़ाक हो जायेंगे हम तुमको खबर होने तक।"
"कर्ज़ की पीते थे मय और समझते,
कि हां रंग लाएगी हमारी फाकामस्ती एक दिन।"
आज मिर्ज़ा ग़ालिब जी की 145वीं पुण्यतिथि पर पूरा हिन्दी ब्लॉगजगत और ब्लॉग बुलेटिन टीम उन्हें याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती है।
अब चलते है आज कि बुलेटिन की ओर .............



