Subscribe:

Ads 468x60px

कुल पेज दृश्य

रासबिहारी बोस लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
रासबिहारी बोस लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 21 जनवरी 2019

74वीं पुण्यतिथि - महान क्रान्तिकारी एवं स्वतंत्रता संग्रामी रासबिहारी बोस और ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिंदी ब्लॉगर्स सादर नमस्कार।
महान क्रान्तिकारी एवं स्वतंत्रता संग्रामी रासबिहारी बोस
रासबिहारी बोस (अंग्रेज़ी: Rash Bihari Bose, जन्म: 25 मई, 1886; मृत्यु: 21 जनवरी, 1945) प्रख्यात वकील और शिक्षाविद थे। रास बिहारी बोस प्रख्यात क्रांतिकारी तो थे ही, सर्वप्रथम आज़ाद हिन्द फ़ौज के निर्माता भी थे। देश के जिन क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता-प्राप्ति तथा स्वतंत्र सरकार का संघटन करने के लिए प्रयत्न किया, उनमें श्री रासबिहारी बोस का नाम प्रमुख है। रास बिहारी बोस कांग्रेस के उदारवादी दल से सम्बद्ध थे। रास बिहारी बोस ने उग्रवादियों को घातक, जनोत्तेजक तथा अनुत्तरदायी आंदोलनकारी कहा। रासबिहारी बोस उन लोगों में से थे जो देश से बाहर जाकर विदेशी राष्ट्रों की सहायता से अंग्रेजों के विरुद्ध वातावरण तैयार कर भारत की मुक्ति का रास्ता निकालने की सोचते रहते थे। 1937 में उन्होंने 'भारतीय स्वातंय संघ' की स्थापना की और सभी भारतीयों का आह्वान किया तथा भारत को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया।


आज भारत के महान क्रान्तिकारी एवं स्वतंत्रता संग्राम नेता रासबिहारी बोस जी की 74वीं पुण्यतिथि पर हम सब उनको शत शत नमन करते हैं।

~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~


आपदा में देवदूत सरीखे जवान





आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए नमस्कार। सादर ... अभिनन्दन।। 

शुक्रवार, 25 मई 2018

रास बिहारी बोस और ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिंदी ब्लॉगर्स नमस्कार।
रास बिहारी बोस
रास बिहारी बोस (अंग्रेज़ी: Rash Bihari Bose, जन्म: 25 मई, 1886; मृत्यु: 21 जनवरी, 1945) प्रख्यात वकील और शिक्षाविद थे। रास बिहारी बोस प्रख्यात क्रांतिकारी तो थे ही, सर्वप्रथम आज़ाद हिन्द फ़ौज के निर्माता भी थे। देश के जिन क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता-प्राप्ति तथा स्वतंत्र सरकार का संघटन करने के लिए प्रयत्न किया, उनमें श्री रासबिहारी बोस का नाम प्रमुख है। रास बिहारी बोस कांग्रेस के उदारवादी दल से सम्बद्ध थे। रास बिहारी बोस ने उग्रवादियों को घातक, जनोत्तेजक तथा अनुत्तरदायी आंदोलनकारी कहा। रासबिहारी बोस उन लोगों में से थे जो देश से बाहर जाकर विदेशी राष्ट्रों की सहायता से अंग्रेजों के विरुद्ध वातावरण तैयार कर भारत की मुक्ति का रास्ता निकालने की सोचते रहते थे। 1937 में उन्होंने 'भारतीय स्वातंय संघ' की स्थापना की और सभी भारतीयों का आह्वान किया तथा भारत को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया।


आज महान स्वतंत्रता सेनानी रास बिहारी बोस जी 132वीं जयंती पर हम सब उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~













आज की बुलेटिन की में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।। 

बुधवार, 25 मई 2016

अमर क्रांतिकारी रासबिहारी बोस और ब्लॉग बुलेटिन

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार।
रासबिहारी बोस (बांग्ला: রাসবিহারী বসু, जन्म:२५ मई, १८८६ - मृत्यु: २१ जनवरी, १९४५) भारत के एक क्रान्तिकारी नेता थे जिन्होने ब्रिटिश राज के विरुद्ध गदर षडयंत्र एवं आजाद हिन्द फौज के संगठन का कार्य किया। इन्होंने न केवल भारत में कई क्रान्तिकारी गतिविधियों का संचालन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी, अपितु विदेश में रहकर भी वह भारत को स्वतन्त्रता दिलाने के प्रयास में आजीवन लगे रहे। दिल्ली में तत्कालीन वायसराय लार्ड चार्ल्स हार्डिंग पर बम फेंकने की योजना बनाने, गदर की साजिश रचने और बाद में जापान जाकर इंडियन इंडिपेंडेस लीग और आजाद हिंद फौज की स्थापना करने में रासबिहारी बोस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यद्यपि देश को स्वतन्त्र कराने के लिये किये गये उनके ये प्रयास सफल नहीं हो पाये, तथापि स्वतन्त्रता संग्राम में उनकी भूमिका का महत्व बहुत ऊँचा है। अधिक जानकारी पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

अब चलतें हैं आज कि बुलेटिन की ओर ...

क्या पृथ्वी का भविष्य शुक्र जैसे भयावह होगा ?

क्या होती है कौड़ी? इसका प्रयोग मुद्रा के रूप में कैसे और कब से है?

जैक का हिंदुस्तान प्रेम !

मुझे ही लड़नी होगी, अपनी यह लड़ाई

चहकते बच्चों का खामोश हो जाना

भट्ट ब्राह्मण कैसे

Exam Result से पहले एक पिता का अपने बेटे के लिए एक पत्र

मातॄ दिवस पर ...

पाना है आकाश जिन्हें फिर पाने दो ...

मन के नयन

नोच ले जितना भी है जो कुछ भी है तुझे नोचना तुझे पता है अपना ही है तुझे सब कुछ हमेशा नोचना



आज कि बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे। तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।।

लेखागार