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शनिवार, 24 नवंबर 2018

सब से तेज़ - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

एक बार कक्षा छठी में चार बालकों को परीक्षा मे समान अंक मिले, अब प्रश्न खडा हुआ कि किसे प्रथम रैंक दिया जाये। स्कूल प्रबन्धन ने तय किया कि प्राचार्य चारों से एक सवाल पूछेंगे, जो बच्चा उसका सबसे सटीक जवाब देगा उसे प्रथम घोषित किया जायेगा।

चित्र गूगल से साभार
चारों बच्चे हाजिर हुए, प्राचार्य ने सवाल पूछा, "दुनिया में सबसे तेज क्या होता है?"

पहले बच्चे ने कहा, "मुझे लगता है 'विचार' सबसे तेज होता है, क्योंकि दिमाग में कोई भी विचार तेजी से आता है, इससे तेज कोई नहीं।"

प्राचार्य ने कहा, "ठीक है, बिलकुल सही जवाब है।"

दूसरे बच्चे ने कहा, "मुझे लगता है 'पलक झपकना' सबसे तेज होता है, हमें पता भी नहीं चलता और पलकें झपक जाती हैं और अक्सर कहा जाता है, 'पलक झपकते' कार्य हो गया।

प्राचार्य बोले, "बहुत खूब, बच्चे दिमाग लगा रहे हैं।"

तीसरे बच्चे ने कहा, "मैं समझता हूँ 'बिजली', क्योंकि मेरे यहाँ गैरेज, जो कि सौ फ़ुट दूर है, में जब बत्ती जलानी होती है, हम घर में एक बटन दबाते हैं, और तत्काल वहाँ रोशनी हो जाती है,तो मुझे लगता है 'बिजली' सबसे तेज होती है।"

अब बारी आई चौथे बच्चे की। सभी लोग ध्यान से सुन रहे थे, क्योंकि लगभग सभी तेज बातों का उल्लेख तीनो बच्चे पहले ही कर चुके थे।

चौथे बच्चे ने कहा, "सबसे तेज होते हैं 'दस्त'।

सभी चौंके, प्राचार्य ने कहा, "साबित करो कैसे?"

बच्चा बोला, "कल मुझे दस्त हो गए थे, रात के दो बजे की बात है, जब तक कि मैं कुछ 'विचार' कर पाता, या 'पलक झपकाता' या 'बिजली' का स्विच दबाता, दस्त अपना 'काम' कर चुका था।

कहने की जरूरत नहीं कि इस असाधारण सोच वाले बालक को ही प्रथम घोषित किया गया।

सादर आपका
शिवम् मिश्रा

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बेपर्दा रूहें

डर - एक माइक्रो फिक्शन

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३३४. पिंजरा

25 वर्ष: संग मद्धम-मद्धम

गुमगश्ता रुमानियत

बाजार

२१ वीं सदी में भी पाषाण युग की तरह आदिमानव बनकर रहना कितना उचित है ! एक सवाल, एक विचार --

नौजवान मेरे देश का......

"रूमानी हो जाएँ "

जिन्दगी...

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अब आज्ञा दीजिये ... 

जय हिन्द !!!

10 टिप्पणियाँ:

Meena Bhardwaj ने कहा…

सदैव की भांति बढ़िया "ब्लॉग बुलेटिन"। इस अंक मेंं मेरी रचना को स्थान देने के लिए हृदयतल से धन्यवाद शिवम् जी ।

अनीता सैनी ने कहा…

बेहतरीन ब्लॉग बुलेटिन की प्रस्तुति । इस अंक मेंं मेरी रचना को स्थान देने के लिए हृदयतल से आभार आदरणीय
सादर

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बढ़िया आग़ाज सुन्दर बुलेटिन।

मन की वीणा ने कहा…

वाह बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
उम्दा लिंकों का सुंदर गुलदस्ता
मेरी रचना को सामिल करने के लिए तहे दिल से शुक्रिया।
सभी रचनाकारों को बधाई।

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन की इस अंक मेंं मेरी व्यक्तिगत रचना को स्थान देने के लिए हृदयतल से आभार।

Onkar ने कहा…

बढ़िया बुलेटिन। मेरी रचना शामिल की. आभार।

गोपेश मोहन जैसवाल ने कहा…

वैसे तेज़ होने के इन चारों उदाहरणों से भी तेज़ होता है - किसी नेता का अपना वक्तव्य बदलना या अपनी निष्ठा बदलना.

Abhilasha ने कहा…

बहुत ही सुन्दर संकलन

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

विकास नैनवाल 'अंजान' ने कहा…

हा हा ऐसी ही अद्वितीय सोच के बच्चे बड़े होकर या तो इंजीनियर बनते हैं या राजिनीतज्ञ।
बढ़िया बुलेटिन। इन सुंदर सुरुचिपूर्ण लिंक्स के बीच मेरी पोस्ट को स्थान देने लिए दिली आभार।

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