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मंगलवार, 6 नवंबर 2018

जल गया है दीप तो अंधियार ढल कर ही रहेगा

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |


" दीप कैसा हो, कहीं हो, सूर्य का अवतार है वह,

धूप में कुछ भी न, तम में किन्तु पहरेदार है वह,

यह सुबह का दूत हर तम को निगलकर ही रहेगा।

जल गया है दीप तो अंधियार ढल कर ही रहेगा। "

- गोपालदास नीरज 



ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से हिन्दी ब्लॉग जगत के सभी मित्रों को छोटी दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं |

सादर आपका
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

शुभ रूप चतुर्दशी 2018

जवानी,जोश,जज़्बा और अल्हड़पन निखरने दो.......

नरकासुर वध तथा सोलह हजार बंदी युवतियों की मुक्ति

लघु रामायण

दीपमालिका

ज़मीनी अनुभवों का दस्तावेज - मीडिया के दिग्गज

मकसद और मसरूफियतों के बन्ने भाई

मुर्गी को भी इंसानी भूत बना देते हैं वे

इतिहास...जो सच है......

ये “दिल्ली यूनिवर्सिटी” नॉर्थ कैम्पस दीवारें है ...

भय को देखना हो नतमस्तक...

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
अब आज्ञा दीजिए ...

जय हिन्द !!!

6 टिप्पणियाँ:

Meena Sharma ने कहा…

सुंदर संकलन। दीपपर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर बुलेटिन प्रस्तुति। सभी के लिये दीपावली की मंगलकामनाएं।

yashoda Agrawal ने कहा…

आभार शिवम भाई..
दीपोत्सव की शुभकामनाएँ
सादर...

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति
बुलेटिन परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं!

Kusum Kothari ने कहा…

मेरी रचना को बुलेटिन में सामिल करने के लिये बहुत बहुत आभार।
शानदार बुलेटिन चर्चा सभी चयनित रचनाकारों को बधाई।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

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