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सोमवार, 22 अप्रैल 2019

टूथ ब्रश की रिटायरमेंट - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

एक बार एक कॉन्फ्रेंस चल रही थी, जहाँ पर दुनिया भर से अलग अलग देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे थे। संचालक ने सभी से एक सवाल पूछा कि टूथ ब्रश कितने समय के बाद रिटायर हो जाता है?

सब ने अलग अलग जवाब दिए। किसी ने कहा, एक हफ्ता, किसी ने एक महीना, किसी ने दो महीने तो किसी ने तीन महीने।

अब बारी आई हिंदुस्तानी प्रतिनिधि की। जब उनसे यह सवाल पूछा तो उन्होंने इसका जवाब कुछ यूँ दिया, "हिंदुस्तान में टूथ ब्रश कभी रिटायर नहीं होता। क्योंकि सब से पहले तो टूथ ब्रश दाँत साफ़ करने के काम आता है, फिर उसका इस्तेमाल बाल में रंग लगाने के लिए होता है, उसके बाद मशीन की सफाई करने के काम आता है और जब उसके बाल पूरी तरह से टूट जायें तो उसका इस्तेमाल पजामे में नाड़ा डालने के लिए किया जाता है। इस तरह टूथ ब्रश कभी भी रिटायर नहीं होता।"

सादर आपका 

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अब आज्ञा दीजिए ... 

जय हिन्द !!!

10 टिप्पणियाँ:

shikha varshney ने कहा…

कुछ लिंक देखे. अच्छे लगे.

Meena Bhardwaj ने कहा…

बेहतरीन लिंक्स के साथ खूबसूरत भूमिका से सजी प्रस्तुति । मुझे इसमें स्थान देने के लिए हार्दिक धन्यवाद ।

दिगंबर नासवा ने कहा…

टूथ्ब्रश का अच्छा इस्तेमाल करते हैं भारतीय ... रोचक पोस्ट ...
आभार मेरी रचना को जगह देने के लिए आज ....

Virendra Singh ने कहा…

शानदार प्रस्तुति। सच तो यह है कि चीजों का जमकर इस्तेमाल तो हम भारतीय ही करते हैं। यह तो टूथब्रश है हम तो इंसानों का इस्तेमाल भी बखूबी करते हैं। आपको बधाई। सभी रचनाकारों को भी बधाई।

गिरिजा कुलश्रेष्ठ ने कहा…

'टूथब्रश का रिटायरमेंट' आनन्दमय है . कुछ पोस्ट पढ़ी हैं चयन अच्छा है . मेरी रचना को भी लिया गया है .धन्यवाद .

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

जिस पायजामे में नाडा डाला जाता है वह भी कहां अवकाश प्राप्त कर पाता है ! लगा रहता है आजीवन सेवा में, कभी वस्त्र, कभी झाड़न, कभी पौंछे के रूप में !

विकास नैनवाल 'अंजान' ने कहा…

रोचक लिंक्स से सुसज्जित बुलेटिन।

Anuradha chauhan ने कहा…

सुंदर प्रस्तुति शानदार रचनाएं

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

मज़ा आ गया शिवम भाई... बीमारी में घर बैठकर ब्ललॉग विचरण का आनंद आ गया!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

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