Subscribe:

Ads 468x60px

कुल पेज दृश्य

ब्लॉग बुलेटिन - ब्लॉग रत्न सम्मान प्रतियोगिता 2019

रविवार, 30 सितंबर 2018

भागती गाड़ियों में,उजबुजाती बातें हैं




लिखने को, 
कहने को,
छुपा लेने को,
ज़ाहिर करने को,
अनगिनत बातें हैं। 
हौसला है सच कहने का, 
लेकिन, वक़्त किसके पास है ?
जिनके पास कुछ देर ठहरने का समय है,
उनके पास खुद की बहुत सारी बातें हैं !
भीड़ में,
भागती गाड़ियों में,
 उजबुजाती बातें हैं,
गाड़ी का शीशा नीचे करो,
तो प्राकृतिक गर्मी बर्दाश्त नहीं होती,
और उस पर बातों की बेशुमार भीड़ से,
ट्रैफिक जाम रहता है,
धीरे धीरे घर पहुँचो,
तो  ... बात कौन करे,
सोने दो भाई। 

4 टिप्पणियाँ:

yashoda Agrawal ने कहा…

आदरणीय दीदी
बेहतरीन रचनाएँ पढ़वाई आपने
आभार
सादर नमन

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

भागती गाड़ियों में,
उजबुजाती बातें हैं,
बहुत सुन्दर।

Anita ने कहा…

बातें कितनी भी कह लें चुकती ही नहीं..इसीलिए शिव भी समाधि में चले जाते हैं..और विष्णु भी योगनिद्रा का सहारा लेते हैं..सुंदर बुलेटिन..आभार !

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति

एक टिप्पणी भेजें

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

लेखागार