Subscribe:

Ads 468x60px

कुल पेज दृश्य

शनिवार, 26 सितंबर 2015

आए हाए तेरी अंग्रेजी - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

आज एक लतीफ़ा मिला व्हाट्सअप पर ... सो आप सब से सांझा कर रहा हूँ |

एक हरियाणवी छोरा अपनी गर्लफ्रेंड ने 5 स्टार होटल मे रोटी खवान लेग्या।

छोरा वेटर ने बला के बोल्या, "Sir, With due respect, I beg to say that I am ill so I can not come to school. Kindly grant me Tea for 2 please."

वेटर के कुछ खास समझ नी आया पर फेर बी ओ 2 ग्लास चा ले आया...

गर्लफ्रेंड: आए हाए तेरी अंग्रेजी!

छोरा: बस ईतने में ए मेरी फेन होगी, जे तनै मेरा पानी वास्ते "Thirsty Crow" अर रोटियां खातर "Greedy Dog" सून लिया नी तू तो जमा ऐ बावली हो जै गी!

आशा है लतीफ़ा आप सब को पसंद आया होगा |

सादर आपका
शिवम् मिश्रा

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

अपने मोबाइल को बनाएँ अपना हिंदी ओसीआर

मरे रि‍श्‍ते...

भारत में हिन्दू है सबसे गरीब

भ्रष्टाचार के देवता:एक आईएएस का सेवाकाल संस्मरण

प्रकाश स्तम्भ

ज्ञानार्जन

सीहोर के सिध्द चिंतामन गणेश

पूर्व की काशी भुवनेश्वर और छेना गाजा - कलिंग यात्रा

कौन जाए जौक, ये दिल्ली की गलियाँ छोड़कर !

हार्दिकी..

जहां भारतीयों का प्रवेश निषेद्ध है, एक कड़वी सच्चाई

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
अब आज्ञा दीजिये ...

जय हिन्द !!!

13 टिप्पणियाँ:

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत रोचक बुलेटिन...आभार

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत रोचक बुलेटिन...आभार

Arvind Mishra ने कहा…

आभार आपका

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बढ़िया बुलेटिन ।

रश्मि शर्मा ने कहा…

Bahut badhiya....meri rachna shamil karne ke liye aabhar

Asha Lata Saxena ने कहा…


बोलते समय बीच बीच में अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग आज कल फैशन हो गया है |सब अन्धानुकरण में लगे हैं |उम्दा बुलेटिन |

संतोष त्रिवेदी ने कहा…

शुक्रिया भाई।

कविता रावत ने कहा…

रोचक लतीफ़ा के साथ सुन्दर बुलेटिन प्रस्तुति में मेरी पोस्ट शामिल करने हेतु आभार!

Unknown ने कहा…

sundar buletin jo shuru se ant tk rochak hai.

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

पी.सी.गोदियाल "परचेत" ने कहा…

आभार , शिवम जी !

पी.सी.गोदियाल "परचेत" ने कहा…

आभार , शिवम जी !

Madabhushi Rangraj Iyengar ने कहा…

धन्यवाद ,
आपने मेरा ब्लॉग शामिल किया,

सादर आभार

टिप्पणी पोस्ट करें

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

लेखागार