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रविवार, 20 सितंबर 2015

पागलों की पहचान - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

एक पागलखाने में एक पत्रकार ने डॉक्टर से प्रश्न किया। "आप कैसे पहचानते हैं कि, कौन पागल है और कौन नहीं?"

डॉक्टर: हम एक बाथटब पानी से पूरा भर देते हैं और मरीज को एक चम्मच, एक गिलास और एक बाल्टी देकर कहते हैं कि वो बाथटब को खाली करे।

पत्रकार: अरे वाह, बहुत बढ़िया। यानि जो नार्मल व्यक्ति होता होगा वो बाल्टी का उपयोग करता होगा क्योंकि वो चम्मच और गिलास से बड़ी होती है।

डॉक्टर: जी नहीं। नार्मल व्यक्ति बाथटब में लगे हुए ड्रेन प्लग को खींच कर टब को खाली करता है। आप 39 नंबर के बैड पर जाइए ताकि हम आप की पूरी जाँच कर सकें।

अगर आप ने भी बाल्टी ही सोचा था तो कृपया बैड नंबर 40 पर जाइए।

सादर आपका
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अब आज्ञा दीजिये ...

जय हिन्द !!!

12 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

'उलूक' तो पहले से 40 नम्बर चारपाई के नीचे घुसा हुआ है । बहुत सुंदर बुलेटिन ।

वाणी गीत ने कहा…

पागलपन के लक्षण तो वहाँ जाने पर ही पता चलते हैं.
लिंक्स भी पढ देखते हैं.
आभार!

Mahesh Barmate "Maahi" ने कहा…

बहुत सुन्दर :)

JEEWANTIPS ने कहा…

जीवनटिप्स की पोस्ट को आपके ब्लॉग पोस्ट का हिस्सा बनाने के लिए बहुत आभार!

Anupama Tripathi ने कहा…

:-) बढ़िया बुलेटिन !!

Sunil Deepak ने कहा…

धन्यवाद शिवम्, छायाचित्रकार को शामिल करने लिए

Asha Lata Saxena ने कहा…

सुप्रभात
उम्दा तरीका पागल की पहचान का |
मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार सहित धन्यवाद |

कौशल लाल ने कहा…

बढ़िया बुलेटिन .....

Jyoti Dehliwal ने कहा…

शिवम जी, मेरी रचना "पागलों की पहचान - ब्लॉग बुलेटिन" में शामिल करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद | 

कविता रावत ने कहा…

बहुत बढ़िया बुलेटिन प्रस्तुति
आभार!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

बढ़िया बुलेटिन !!

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