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शनिवार, 13 अगस्त 2016

छोटी कहानी, बड़ा सन्देश...

नमस्कार मित्रों,

आज सुबह व्हाट्सएप्प पर एक सन्देश प्राप्त हुआ, सन्देश था तो एक ही लाइन का लेकिन उसकी गंभीरता का अंदाजा आप खुद ही लगाइये...
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हैलो सर, मैं "वृद्धाश्रम" से बोल रहा हूँ, अखबार में आपके कुत्ते का फ़ोटो और विज्ञापन देखा कि वह लापता हो गया है, आपका कुत्ता हमारे वृद्धाश्रम में आ गया है और आपकी "माताजी" के साथ खेल रहा है, आप यहाँ आकर अपने "कुत्ते" को ले जा सकते हैं।



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3 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

छोटी कहाँ है पूरी रामायण है
वनवास का ही तो उद्धहरण है ।

बहुत सुन्दर बुलेटिन ।

कविता रावत ने कहा…

वृद्धाश्रम एक बहुत बड़ी त्रासदी है हम सबके लिए ,, सबकुछ होते हुए भी कुछ लोगों के लिए यह सब एक खेल भर हैं
बहुत बढ़िया बुलेटिन प्रस्तुति हेतु आभार!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आज की दुनिया मे ऐसे कई उदाहरण देखने को मिल जाएंगे |

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