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बुधवार, 3 अगस्त 2016

जन्मदिवस - मैथिलीशरण गुप्त और ब्लॉग बुलेटिन

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार।
मैथिलीशरण गुप्त जी का जन्म 3 अगस्त 1886 चिरगाँव,झाँसी, उत्तर प्रदेश में हुआ था। संभ्रांत वैश्य परिवार में जन्मे मैथिलीशरण गुप्त के पिता का नाम 'सेठ रामचरण' और माताका नाम 'श्रीमती काशीबाई' था। पिता रामचरण एक निष्ठावान प्रसिद्ध राम भक्त थे।  इनके पिता 'कनकलता' उप नाम से कविता किया करते थे और राम के विष्णुत्व में अटल आस्था रखते थे। गुप्त जी को कवित्व प्रतिभा और राम भक्ति पैतृक देन में मिली थी। वे बाल्यकाल में ही काव्य रचना करने लगे। पिता ने इनके एक छंद को पढ़कर आशीर्वाद दिया कि "तू आगे चलकर हमसे हज़ार गुनी अच्छी कविता करेगा" और यह आशीर्वाद अक्षरशः सत्य हुआ। मुंशी अजमेरी के साहचर्य ने उनके काव्य-संस्कारों को विकसित किया। उनके व्यक्तित्व में प्राचीन संस्कारों तथा आधुनिक विचारधारा दोनों का समन्वय था। मैथिलीशरण गुप्त जी को साहित्य जगत में 'दद्दा' नाम से सम्बोधित किया जाता था।

[ साभार : http://bharatdiscovery.org/india/मैथिलीशरण_गुप्त ]


आज महान कवि स्वर्गीय मैथिलीशरण गुप्त जी के 130वें जन्म दिवस पर हम सब उन्हें याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

अब चलते हैं आज कि बुलेटिन की ओर ...

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आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे, तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर ... अभिनन्दन।।

3 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

मैथिलीशरण गुप्त जी के 130 वें जन्म दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि । सुन्दर प्रस्तुति हर्षवर्धन ।

Kavita Rawat ने कहा…

गुप्त जी को नमन!
बहुत बढ़िया बुलेटिन प्रस्तुति हेतु आपका आभार!

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

पोस्ट शामिल करने का आभार ... बहुत बढ़िया लिंक्स मिले

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