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शनिवार, 28 अप्रैल 2018

कश्मीर किसका !?

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

एक बार संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर को ले कर चर्चा चल रही थी।

एक भारतीय प्रवक्ता बोलने के लिए खड़ा हुआ। अपना पक्ष रखने से पहले उसने ऋषि कश्यप की एक बहुत पुरानी कहानी सुनाने की अनुमति माँगी। अनुमति मिलने के बाद भारतीय प्रवक्ता ने अपनी बात शुरू की...

"एक बार महर्षि कश्यप, जिनके नाम पर आज कश्मीर का नाम पड़ा है, घूमते-घूमते कश्मीर पहुंच गए।

वहाँ उन्होंने एक सुन्दर झील देखी तो उस झील में उनका नहाने का मन हुआ।

उन्होंने अपने कपड़े उतारे और झील में नहाने चले गए।

जब वो नहा कर बाहर निकले, तो उनके कपड़े वहाँ से गायब मिले।

दरअसल, उनके कपड़े किसी पाकिस्तानी ने चुरा लिये थे..."

इतने में पाकिस्तानी प्रवक्ता चीख पड़ा और बोला:

"क्या बकवास कर रहे हो? उस समय तो 'पाकिस्तान' था ही नहीं!!!"


भारतीय प्रवक्ता मुस्कुराया और बोला:

"और ये पाकिस्तानी कहते हैं कि कश्मीर इनका है!!!" 
😜😂

इतना सुनते ही... पूरा संयुक्त राष्ट्र सभा ठहाकों की गूंज से भर उठा।।
😂😝😜👏👏👏

एक हिन्दुस्तानी होने के नाते यह वाकया मुझे तो बहुत पसंद आया ... और आपको !?

सादर आपका 

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

मैं चीख रही












~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
अब आज्ञा दीजिये ...

जय हिन्द !!!

8 टिप्पणियाँ:

AKANKSHA SAXENA ने कहा…

बहुत शानदार लिखा आपने💐

yashoda Agrawal ने कहा…

शुभ संध्या भाई शिवम जी
एक बढ़िया बुलेटिन
आभार
सादर

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति

Meena Sharma ने कहा…

मुझे भी बहुत पसंद आया ये वाकया तो !😊
सुंदर बुलेटिन !

Jyoti Dehliwal ने कहा…

बहुत सुंदर वाकया, शिवम जी। मेरी रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार।

Mahesh Barmate ने कहा…

सुंदर वाकया
और सुंदर लेखों / रचनाओं की प्रस्तुति..
मेरी रचना शामिल करने के लिए आपका आभार

संजय भास्‍कर ने कहा…

बढ़िया बुलेटिन शिवम जी
रचना शामिल करने के लिए आपका आभार !!

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