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मंगलवार, 24 अप्रैल 2018

भगवान से शिकायत

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

यूँ तो कोई भी शिकायत नहीं भगवान आपके किसी भी फैंसले से, पर ...
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अगर तरबूज़ के बीज भी खरबूजे की ही तरह इकट्ठे बीच में डालते तो आपका क्या बिगड़ता!?

8 टिप्पणियाँ:

varsha ने कहा…

Shukriya aapka... yoon blogs ka soonapan chounkane wala hai

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

Asha Lata Saxena ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति |मेरी रचना शामिल करेने के लिए धन्यवाद |

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार।

HARSHVARDHAN ने कहा…

सुंदर पठनीय कड़ियां।

महेन्‍द्र वर्मा ने कहा…

पठनीय संकलन ।
‘ब्लाग बुलेटिन’ के प्रति आभार ।

shikha varshney ने कहा…

बहुत आभार। अब बस यहीं ब्लॉग्स देखने को मिलते हैं।

मेरा मन पंछी सा ने कहा…

मेरी रचना को ब्लॉग बुलेटिन में जगह देने हेतु आपका हार्दिक आभार...

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