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बुधवार, 13 मार्च 2019

तेरा, तेरह, अंधविश्वास और ब्लॉग-बुलेटिन



आज भले बुधवार का दिन होबाकी तारीख तेरह है. माने लोग एगो भयंकर मोहावरा बनाए हुये है:  फ्राइडे द थर्टींथ! कोई हमसे पूछकर देखे त त फ्राइडे द थर्टींथ से जादा भयंकर अऊर डरावना हमरे बास्ते कोनो मन-डे यानी सोमवार होता है. हमरा सारा कारीबी लोग जानते हैं कि हमको ई जनम में कोनो से डर लगता हैत ऊ सोमवार है. मगर अंधबिस्वास हैत हइये हैउसका कोनो इलाज नहीं.   


जमाना चाहे केतना भी एड्भांस हो जाएअंधबिस्वास खतम नहीं होता है. अऊर अंधबिस्वास भी अजीब-अजीब तरह का पालता है लोग जिसका कोनो सिर पैर नहीं होता है. अब बताइए कि दही खाकर काम करने से ऊ काम सफल होता हैत सफलता में दही का हाथ है कि अदमी के मेहनत का! करिया बिलाई रस्ता काट दे त काम बिगड़ जाता है. अऊर कहीं बिलाइये का एक्सीडेण्ट हो जाए त कौन दोसी. घर से निकलते कोई छींक दिया त काम खराब. अऊर काम अच्छा हो गया तब?

अब केतना गिनाया जाए. जेतना समाजओतना अंधबिस्वास. कहाँ से सुरू हुआअऊर कब से चला आ रहा है ई सबकोई नहीं जानता है. अब देखिए नहम जोन अपार्टमेंट में रहते हैंउसमें फ्लैट नं. 420 का नम्बर मिटा के भाई लोग 421 बना दिया है. अब सोचिए तनम्बर 420 होने से अदमी दू नम्बरी हो जाता है काबाकी मन का भरम का कोनो ईलाज नहीं. 


नम्बर से एगो अऊर बात याद आ गया. होस्पिटल में कभी देखे हैं 13 नम्बर बेड नहीं होता है. अरे भाई तेरह नम्बर का पावर एतना तगड़ा हो गया कि डाक्टर का काबलियत भी हार जाता है! कमाल है!! अब इम्तेहान में रोल नम्बर 13 हो गयात पढाइए छोड़ कर बईठ थोड़े जाता है अदमी. बाबा नानक देव त 13 के नम्बर से समर्पन का दर्सन सिखा गये दुनिया को. 

अब एगो मजेदार बात बताते हैं. सायद बहुत सा लोग को मालूम होगा. बाकी जो लोग नहीं जानता है उनको बताते हैं. चंडीगढ शहर में बहुत सेक्टर हैलेकिन 13 नम्बर सेक्टर नहीं है. इहो अंधबिस्वास का नतीजा है. लेकिन इसमें भी खूब सुंदर अंधबिस्वास छिपा है. जेतना सेक्टर हैउसका नम्बर एतना हिसाब से बइठाया हुआ है कि आप कोनो आमने सामने वाला दूगो सेक्टर का नम्बर जोड़िए त ऊ 13 का गुणक होगा. जैसे 44 सेक्टर का सामने 34 सेक्टरदुनो का जोड़ हुआ 44+34=78 और 78= 13X6. अब एही फार्मूला सब सेक्टर के नम्बर पर लागू होता है. केतना खूबसूरत गणित है...चाहे खूबसूरत अंधबिस्वास. 13 नम्बर सेक्टर नहीं हैमगर सभे सेक्टर के बीच मौजूद है.


मगर आज का तारीख के साथ बहुत सा ऐतिहासिक घटना भी जुड़ा हुआ है. आज ही के रोज नाना फड़नवीस का निधन हुआ था जो पेशवा साम्राज्य में परभावसाली मंत्री थे अऊर आज भी भरत के मेकाइवली के रूप में जाने जाते हैं. महान सितार वादक उस्ताद विलायत ख़ाँ का भी निधन आज ही के रोज हुआ था. अऊर आज के दिन महान क्रांतिकारी ऊधम सिंह लंदन में एक सभा के दौरान गवर्नर माइकल ओडवायर को मारकर जालियाँवाला बाग के भीसन नरसन्हार का बदला लिये थे.

आइये उन सब महान लोग को याद करते हुये हमरे तरफ से न तीन में न तेरह में... सॉरी न तेईस में न चौबीस में यानि 2350 वाँ ब्लॉग बुलेटिन में सामिल ब्लोग-पोस्ट का आनंद लें!!

                             -      सलिल वर्मा
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मंदिर को जाती सड़क

बेटियों की जिंदगी सहेजने के लिए विदेशी दूल्हों पर सख्ती जरूरी

तितली तेरे रंग

यादें

ताकि सनद रहे ( मेरे देश की पुलिस और उसके कानून ) डॉ लोक सेतिया

बेटी कल विदा होंगी

बरगद होने के बाद तुम समझोगे

विरह गीत

पेड़ और कविता

मरुधर में बोने सपने हैं

७९ साल पहले लिया गया था जलियाँवाला नरसंहार का प्रतिशोध

कुछ पैगाम भेजे हैं

चिट्ठाजगत और घर की बगल की गली का शोर एक सा हुआ जाता है

उसकी थकान - भगवत रावत

अस्माकं विद्यालय

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14 टिप्पणियाँ:

मन की वीणा ने कहा…

बहुत ही शानदार प्रस्तुति, सुंदर संकलन, खोज कर लाया गया मेटिरियलसब कुछ उम्दा से पेशतर वाह¡
मेरी रचना को ब्लॉग बुलेटिन में शामिल करने के लिए हृदय तल से आभार ।
सभी रचनाकारों को बधाई ।

Asha Lata Saxena ने कहा…

मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार सहित धन्यवाद सर |

Kailash Sharma ने कहा…

लाज़वाब प्रस्तुति...रोचक सूत्र..आभार

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

जायका बदल जाते हैं जब भी सलिल जी आते हैं थोड़ा सा कंजूसी आने जाने में मगर कर ही जाते हैं। बधाई 2350 पर पहुँचने की ब्लॉग बुलेटिन टीम को और आभार 'उलूक' की बकबक को सम्मान देने के लिये।

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

विरह गीत नहीं मिल रहा है।

Blog has been removed
Sorry, the blog at poetryanita.blogspot.com has been removed. This address is not available for new blogs.

शिवम् मिश्रा ने कहा…

@सुशील कुमार जोशी सर पोस्ट का लिंक सुधार दिया गया है ... अब लिंक खुल रहा है ... आभार आपका ध्यान दिलाने के लिए |

शिवम् मिश्रा ने कहा…

सभी पाठकों और पूरी बुलेटिन टीम को 2350 वीं पोस्ट की हार्दिक बधाइयाँ |

ऐसे ही स्नेह बनाए रखिए |



सलिल दादा को सादर प्रणाम |

Anita saini ने कहा…

बेहतरीन बुलेटिन प्रस्तुति 👌
पूरी बुलेटिन टीम को 2350 वीं पोस्ट की हार्दिक बधाइयाँ |
मुझे स्थान देने के लिए सहृदय आभार आदरणीय
सादर

गिरिजा कुलश्रेष्ठ ने कहा…

2350वीं पोस्ट !!बधाई .

रवीन्द्र भारद्वाज ने कहा…

लाजवाब पेशकश !
अनंत शुभकामनाएं व बधाईयाँ 2350 वे अंक के लिए
'बेटी कल विदा होगी' रचना को स्थान देने के लिए आभार .....सादर

SKT ने कहा…

13 न तेरा है, न मेरा है
बस यहाँ भूतों का डेरा है।
शानदार प्रस्तुति सदा की तरह...!

Anita ने कहा…

वाह, जोरदार भूमिका और सुंदर सूत्रों का संकलन..बहुत बहुत बधाई !

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

बहुत बढ़िया बुलेटिन ... मेरी पोस्ट शामिल की आपने | आभार

ज्योति सिंह ने कहा…

ढेरो शुभकामनाएं बहुत ही सुंदर

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