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शुक्रवार, 7 अक्तूबर 2016

षष्टम कात्यायनी




नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है 'नौ रातें'
षष्टम कात्यायनी - आज उन रातों का छट्ठा दिन है, माँ कात्यायनी का दिन
एक पौराणिक कथानुसार महर्षि कात्यायन की इच्छा थी कि भगवती उनके घर में पुत्री के रूप में जन्म लें, अतः इन्होंने भगवती की उपासना करते हुए बहुत वर्षों तक बड़ी कठिन तपस्या की थी। उनके इस तपस्या से प्रसन्न हो कर देवी ने उनकी प्रार्थना स्वीकार कर अश्विन कृष्ण चतुर्दशी को महर्षि कात्यायन के घर में जन्म लिया। जन्म लेने के पश्चात महर्षि कात्यायन ने शुक्ल सप्तमी, अष्टमी और नवमी, तीन दिनों तक देवी की पूजा अर्चना की, अतः महर्षि कात्यायन की पुत्री होने तथा सर्व प्रथम उनके द्वारा पूजित होने के कारण देवी का यह रूप कात्यायनी कहलाया।


2 टिप्पणियाँ:

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति हेतु आभार!

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति ।

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