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मंगलवार, 16 फ़रवरी 2016

जनहित मे प्रेमपत्र का पुनर्चक्रण - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

वेलंटाइन डे को गुजरे अभी दो ही दिन हुये है कि व्हाट्सअप पर एक किस्सा सामने आया है ... जनहित मे आज उसी को सांझा कर रहा हूँ |
चित्र गूगल से साभार

एक लड़के ने अपने पास की ही सीट पर बैठी एक सुंदर सी लड़की को देख रहा था।

थोड़ी देर बाद उसने एक पेपर निकाला और लिखा- I LOVE YOU, क्या तुम भी मुझे प्यार करती हो? और लड़की को दे दिया।

लड़की ने पढ़ कर मना कर दिया और पेपर उसे लौटा दिया।

थोड़ी देर मायूस होने के बाद उसने ये पेपर पास में ही बैठी एक दूसरी लड़की को दे दिया और उसने हां कर दी।

अब बात आती है इस कहानी के सार की - तो साहब बता दूँ कि जैसा आप सोच रहे हो वैसा बिल्कुल नहीं है ... इस किस्से का सार है ...

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"धरती को बचाओ, एक ही पेपर को कई बार इस्तेमाल करो।"

अब हुआ न यह जनहित से जुड़ा हुआ मुद्दा ... :)

सादर आपका
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गज़ल

Hari Shanker Rarhi at इयत्ता 
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 अब आज्ञा दीजिये ...

जय हिन्द !!!

9 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

कागज का लेन देन करिये बस रुपये के रूप में करिये
दीजिये किसी को भी नहीं बस लीजिये और कहीं भरिये ।

बहुत सुन्दर बुलेटिन ।

Hari Shanker Rarhi ने कहा…

Thanks a lot for linking my ghazel

Hari Shanker Rarhi ने कहा…

Thanks a lot for linking my ghazel

Kavita Rawat ने कहा…

रोचक व प्रेरक किस्से के साथ सार्थक बुलेटिन प्रस्तुति हेतु आभार!

महेश कुशवंश ने कहा…

सार्थक बुलेटिन, रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद

बरुण सखाजी ने कहा…

बड़ा धन्यवाद

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

Amrita Tanmay ने कहा…

जनहित से जुड़ा मजेदार मुद्दा । आभार ।

Amrita Tanmay ने कहा…

जनहित से जुड़ा मजेदार मुद्दा । आभार ।

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