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रविवार, 20 अक्तूबर 2013

बच्चा किस पे गया है - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम !

जब कोई बच्चा पैदा होता है तो सारे खानदान वाले उसे देखने आते हैं।

बच्चे का बाप बेटे को गोद में उठा के बोलता है,"मेरे बेटे का चेहरा तो मेरे पे गया है।"

माँ प्यार से देखकर बोलती है,"इसकी आँखें मेरे पे गई हैं।"

बच्चे का मामा देखकर बोलता है,"इसके हाथ पांव तो बिलकुल मेरे पे गए हैं।"

चाचा भी देखता है और बोलता है,"अरे इसकी मुस्कुराहट तो बिलकुल मेरे जैसी है।"


फिर जब वही बच्चा बड़ा होकर कोई गलत काम करता है तो सारे खानदान वाले कहते हैं,"पता नहीं ये कमबख्त किस पे गया है?"

अब ऐसे मे बच्चा बेचारा क्या करें ... आप बताएं !?

सादर आपका 

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बेचैनी ....


मिटटी की गुडिया

नीलिमा शर्मा at Rhythm

हमने कितना प्यार किया था.

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया at काव्यान्जलि

an idea can change a lot


एक सपने का लोचा लफड़ा…

देवांशु निगम at अगड़म बगड़म स्वाहा....

पर बैठा रहा सिरहाने पर....

स्वप्न मञ्जूषा at काव्य मंजूषा

421. ज़िन्दगी

डॉ. जेन्नी शबनम at लम्हों का सफ़र

वेधशाला

देवेन्द्र पाण्डेय at चित्रों का आनंद

191. पंछी गीत सुनाएँ...(माहिया)

ऋता शेखर मधु at मधुर गुंजन

कशमकश


धन का देवता या रक्षक

राजीव कुमार झा at देहात
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अब आज्ञा दीजिये ...

जय हिन्द !!!

12 टिप्पणियाँ:

Shekhar Suman ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन ज़िंदाबाद.... :)

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत उम्दा लिंक संयोजन ..! मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए शुक्रिया ...!

RECENT POST -: हमने कितना प्यार किया था.

राजीव कुमार झा ने कहा…

बहुत सुंदर प्रस्तुति एवं उम्दा लिंक्स.बच्चे के बहाने ही सही ,सवाल तो लाजिमी है.
मेरे पोस्ट 'धन का देवता या रक्षक' को शामिल करने के लिए आभार.

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

धन्यवाद।

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

achchhe links....

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

अच्छे सूत्र..

Sushil Kumar Joshi ने कहा…

सुंदर संकलन सुंदर संयोजन !

आशा जोगळेकर ने कहा…

कडियों का सुंदर चुनाव।

shikha varshney ने कहा…

बेचारे बच्चे ....
बढ़िया बुलेटिन

स्वप्न मञ्जूषा ने कहा…

Bahut badhiya
Dhanywaad !

नीलिमा शर्मा ने कहा…

उम्दा लिनक्स .मेरी रचना को सम्मान देने के लिय शुक्रिया

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार !

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