Subscribe:

Ads 468x60px

बुधवार, 13 जून 2018

एक भयानक त्रासदी की २१ वीं बरसी

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

आज से ठीक २१ वर्ष पहले साउथ दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित उपहार सिनेमा अग्निकांड में 59 लोगों की आग में झुलसकर मौत हुई थी। देश की राजधानी में हुए इस भीषण हादसे में सिनेमा मालिकों की लापरवाही साफ तौर पर सामने आई थी। आग सिनेमा हाल के बेसमेंट में रखे जनरेटर से शुरू हुई और धीरे-धीरे पूरे हाल को आग ने अपने आगोश में ले लिया। हाल के भीरत भगदड़ मचने से 100 से ज्यादा लोग घायल भी हुए थे। सिनेमा के मालिक गोपाल और सुशील अंसल को इस अग्निकांड का दोषी माना गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दोनों भाइयों पर 30-30 लाख का जुर्माना लगाकर उन्हें रिहा कर दिया। 

क्या था पूरा मामला
साउथ दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित उपहार सिनेमा में शुक्रवार, 13 जून 1997 को फिल्म 'बॉर्डर' का शो चल रहा था। इस दौरान बेसमेंट में लगे जनरेटर से आग धधक उठी। हादसे के बाद हाल में भगदड़ मच गई और 59 लोग आग में जिंदा जल गए। सिनेमा हॉल में क्षमता से अधिक लोग बैठे थे। मरने वालों में महिलाओं और छोटे बच्चों की संख्या अधिक थी। साथ ही जांच में पता चला कि सिनेमा हाल में सुरक्षा और आग के पुख्ता इंतजाम नहीं थे।

आज इस दुखद दुर्घटना की २१ वीं बरसी के अवसर पर ब्लॉग बुलेटिन टीम और हिन्दी ब्लॉग जगत की ओर से हम मृतकों को अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि देते हैं |

ॐ शांति ... शांति ... शांति ... 

सादर आपका
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

निन्यानवे फीसद देवानंद एक फीसद जोशी

रिश्ता

तू चन्दा मैं चाँदनी - 3

'राष्ट्रवाद, भारतीयता और पत्रकारिता' पर विमर्श को दिशा देती एक पुस्तक

बिना समझे, दौड़ना खतरनाक हो सकता है -सतीश सक्सेना

बेचैनी...

शबनमी ख्वाब

एटलस साईकिल पर योग- यात्रा भाग ७: औरंगाबाद- जालना

विनोद नायक की लघुकथा: दवा और दुआ

आदमी होने का मतलब

मेहदी हसन साहब की छटी पुण्यतिथि

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
अब आज्ञा दीजिये ... 

जय हिन्द !!!

7 टिप्पणियाँ:

Satish Saxena ने कहा…

बढ़िया लिंक दिए हैं , आभार आपका शिवम् !

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति।

Karunakar Pathik ने कहा…

अच्छी एवंम ज्ञानवर्धक जानकारी शिवम् जी।

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति

Amit Mishra 'मौन' ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति.. मेरी रचना 'बेचैनी' को शामिल करने हेतु धन्यवाद आपका

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार।

संजय भास्‍कर ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति

एक टिप्पणी भेजें

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

लेखागार