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शुक्रवार, 1 मार्च 2013

ये कि मैं झूठ बोल्यां


मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती ............... खा गए वो ऊँचे मकां वाले 
ये कि मैं झूठ बोल्यां ???????????
मेरा देश सोने की चिड़िया - उड़ गई दूजे देश ....
ये कि मैं झूठ बोल्यां ?????
सच बोलना तो जरा :)

और साथ साथ अच्छे हिंदी प्रेमी की तरह ये लिंक्स पढ़िए - कुछ पुराने,कुछ नए - कुछ ताजे कुछ बासी - :)


इर्द-गिर्द: कैसे भूलूँ बचपन अपना







कोई लिंक कम नहीं ..... बस पढ़ने की ज़रूरत है - पर बिना पढ़े आप कह देंगे - वाह 

ये कि मैं झूठ बोल्यां ??????????????????????????

11 टिप्पणियाँ:

तुषार राज रस्तोगी ने कहा…

बढ़िया भाई | जानदार कड़ियाँ | ये कि मैं झूठ बोल्यां ? बोलो बोलो :)आभार

Anita Singh ने कहा…

अच्छा है

शिवम् मिश्रा ने कहा…

कोई न ... जी ... कोई न ... जी कोई न ... ;)

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर लिंक्स...

ज्योति खरे ने कहा…

झूठ नहीं सच कह रहा हूँ वाकई सुंदर लिंक हैं
सभी रचनाकारों को बधाई
ब्लॉग बुलेटिन टीम का आभार

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत सुंदर पठनीय सूत्र,,,

RECENT POST: पिता.

Rajendra Kumar ने कहा…

बहुत ही सुन्दर एव पठनीय लिंकों की प्रस्तुती.

Anita (अनिता) ने कहा…

सभी लिंक्स बहुत बढ़िया लगे! कुछ ब्लॉग्स तो पहली बार पढ़े...और बहुत पसंद आए!
मेरी रचना को स्थान देने का आभार!
~सादर!!!

YASHVARDHAN SRIVASTAV ने कहा…

सुन्दर लिंक्स।

मेरी नयी पोस्टें :- महंगाई
चन्द्रशेखर आजाद का शहीद दिवस

vandana gupta ने कहा…

बहुत सुन्दर लिंक्स.

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बहुत सुन्दर सूत्र

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