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शनिवार, 12 मई 2012

सेहत के दुश्मन चिकनाईयुक्त खाद्य पदार्थ - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लोगर मित्रो ,
प्रणाम !

मेरे एक मित्र एक कंपनी में मेडिकल रिप्रजेन्टिव (एम.आर.) हैं। सुबह 9 बजे से उनकी दिनचर्या शुरू हो जाती है और रात 9.30 बजे ही वह घर वापस आ पाते हैं। नाश्ते में चाय के साथ ब्रेड लेने के बाद वह दिन भर अपने व्यवसाय की आपाधापी में मशगूल रहते हैं। व्यस्तता व भागमभाग वाली दिनचर्या के कारण दिन में भूख लगने पर वह जहा किसी जगह खाने-पीने की दुकान देखते हैं, वहीं कुछ खा लेते हैं। लगभग दो साल से वह इसी दिनचर्या पर अमल कर रहे थे कि एक दिन मोटर साइकिल चलाते वक्त उनके पेट में तेज दर्द उठा। उन्होंने डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने उन्हें पेट में एसीडिटी व गैस बनने की शिकायत बतायी। डॉक्टर की राय में उन  को खानपान में चिकनाईयुक्त व गरिष्ठ खाद्य पदार्र्थो से परहेज करना चाहिए और उन्हें हल्का व पाचक भोजन ग्रहण करना चाहिए। हाँ कभी-कभार बाहर खाने की बात अलग है।
 
इन बातों पर करें अमल

-मार्केटिंग या फिर दिनभर भाग-दौड़ से सबधित व्यवसाय से जुड़े लोगों को ब्रेक फास्ट पर खास ध्यान देना चाहिए। ब्रेकफास्ट में दलिया या फिर दही, सब्जी व रायता के साथ पराठा ले सकते हैं। कुल मिलाकर नाश्ता अच्छी तरह से करने के बाद ही घर से निकलें।
-ऐसे लोगों को भागदौड़ के कारण पसीना कुछ ज्यादा निकलता है। इसलिए इन लोगों को नींबू पानी, नारियल पानी आदि तरल पदार्थ पर्याप्त मात्रा में लेते रहना चाहिए।
- इन लोगों को अपने पास स्नैक्स, केला, भुना चना और बिस्किट्स आदि अपने पास किसी बॉक्स में ढंग से रखना चाहिए। वैसे भी मौजूदा मौसम में इधर-उधर का खाना खाने से डायरिया या पेट से सबधित अन्य बीमारियों के होने का जोखिम बढ़ जाता है।
-चिकनाईयुक्त व अत्यधिक वसायुक्त खाद्य वस्तुओं से परहेज करें।
-डिब्बाबद वस्तुओं से परहेज करें।
-खीरा, ककड़ी आदि मौसमी फलों को ग्रहण करें।
-मौजूदा मौसम में आवले का मुरब्बा व गुलकंद का सेवन लाभप्रद है। स्वच्छतापूर्वक तैयार की गयी लस्सी व गन्ने का रस पीना लाभप्रद है।

अब काम काज तो तभी ठीक से चलेगा न जब हम खुद ठीक से चलेंगे ... है कि नहीं ?

सादर आपका 


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अब आज्ञा दीजिये ...
 
जय हिंद !!

20 टिप्पणियाँ:

India Darpan ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


इंडिया दर्पण
की ओर से शुभकामनाएँ।

Maheshwari kaneri ने कहा…

शिवम् जी , बहुत सुन्दर प्रस्तुति...मेरी रचना को शामिल करने के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

वाह बढिया बुलेटिन लगाए……… आभार

कुमार राधारमण ने कहा…

आपने मेरे ब्लॉग को स्थान दिया। अच्छा लगा। आभार।

अजय कुमार झा ने कहा…

मिसर जी । असल में तो बुलेटिन की सार्थकता आपके मास्टर स्ट्रोक से ही बनती है जब आप प्रस्तावना में हर बार बहुत ही उपयोगी जानकारी ,सूचना आदि पाठकों के साथ साझा करते हैं । तिस पर सुंदर लिंकों का चयन तो सोने पर सुहागा जैसा होता है । बहुत खूब जमाए रहिए और बुलेटिन बांचते चलिए ।

"फ़ेसबुक " की पोस्ट को स्थान देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया और आभार

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बढ़िया बुलेटिन ,.....
MY RECENT POST ,...काव्यान्जलि ...: आज मुझे गाने दो,...

shikha varshney ने कहा…

काम की बातें और रोचक लिंक्स .बढ़िया बुलेटिन.

डॉ टी एस दराल ने कहा…

व्यवसायिक लोगों के लिए सही सलाह । हालाँकि बाकि सभी पर भी लागु होती है ।

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

बढिया बुलेटिन....

रश्मि प्रभा... ने कहा…

बढिया बुलेटिन बढिया लिंक्स

Shanti Garg ने कहा…

शिवम जी,
मेरे ब्लॉग की पोस्ट 'क्या बनेँ पलायनवादी या आशावादी' को अपने ब्लॉग पर स्थान देने हेतु आपका शुक्रिया।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

हम भी घर से अच्छी तरह से खाकर ही निकलते हैं।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार !

विभा रानी श्रीवास्तव ने कहा…

आभार व्यक्त करने के पहले .... मेरा तो इन्तजार कर लेते भाई .... :O
अब काम काज तो तभी ठीक से चलेगा न जब हम खुद ठीक से चलेंगे ... बिल्कुल सही भाई .... :)

mridula pradhan ने कहा…

bahut sunder links......sath hi dhanybad bhi.

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

एक सेहत हज़ार नियामत!! अच्छी जानकारी!!

Soniya Gaur ने कहा…

बहुत ज्ञानवर्धक जानकारियों के लिए ब्लॉग बुलेटिन का आभार और मेरी रचना को स्थान देने के लिए भी कोटि कोटी आभार ।

Unknown ने कहा…

शुक्रिया शुक्रिया

ZEAL ने कहा…

Shivam ji, thanks for providing lovely links...

kavita vikas ने कहा…

bahut gyanwardhak bulletin sajaya hai ,saath hi manoranjak bhi .

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