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बुधवार, 14 अक्तूबर 2015

ब्लॉग बुलेटिन - ज्ञ से 'ज्ञानी' और Z से 'Zebra'।

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार।

आज प्रस्तुत है एक व्हाट्स एप संदेश।


मुझे हिन्दी और अंग्रेजी में एक फ़र्क एक अध्यापक ने बताया था । तब से मुझे अंग्रेजी की जगह हिन्दी ही अच्छी लगती है और ये हमारी मातृभाषा भी है।

अध्यापक के शब्द इस प्रकार थे...

अ- से - अनार.........ज्ञ- से - ज्ञानी
a- से - apple.........z- से - zebra

यानी शुरुआत दोनों भाषा में एक फल से होती है और अंत मे हिन्दी आपको ज्ञानी बनाकर छोड़ती है, और अंग्रेजी एक प्रकार का गधा बनाकर....

अब आप खुद ही निर्णय कीजिए आपको हिन्दी से प्रेम होना चाहिए या अंग्रेजी से!!



अब चलते हैं आज की बुलेटिन की ओर  .........















आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे, तब तक के लिए शुभरात्रि। सादर  … अभिनन्दन।।  

7 टिप्पणियाँ:

Sumitra Singh Chaturvedi ने कहा…

धन्यवाद मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए

शिवम् मिश्रा ने कहा…

भाई हमारा पहले प्रेम तो हिन्दी से ही है ... बाकी जमाने का दस्तूर देखते हुये अँग्रेजी से भी यारी कर रखी है |

बढ़िया बुलेटिन हर्ष ... आभार बंधु |

Kavita Rawat ने कहा…

यानी शुरुआत दोनों भाषा में एक फल से होती है और अंत मे हिन्दी आपको ज्ञानी बनाकर छोड़ती है, और अंग्रेजी एक प्रकार का गधा बनाकर...
बहुत सटीक। .
रोचक प्रस्तुति के साथ सार्थक बुलेटिन प्रस्तुति हेतु आभार!

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुंदर बुलेटिन हर्षवर्धन । आभार 'उलूक' के सूत्र 'आज यानी अभी के अंधे और बटेरें' को जगह देने के लिये ।

DrZakir Ali Rajnish ने कहा…

हर्षवर्द्धन जी बुुलेटिन में साइंस ब्लॉगर असोसिएशन को शामिल करने के लिए आभार।

jyoti khare ने कहा…

बहुत सुंदर सूत्र सयोजन
बधाई
मुझे सम्मलित करने का आभार

राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर = RAJA Kumarendra Singh Sengar ने कहा…

सुन्दर आकलन.... फल से FOOL बनाये जाने तक का ;)

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