Subscribe:

Ads 468x60px

गुरुवार, 14 मार्च 2013

एक ठो झटपटिया बुलेटिन... ब्‍लॉग बुलेटिन

सभी मित्रों को देव बाबा की राम राम... कितने व्यस्त हैं हम लोग.. हैं न... लेकिन व्यस्तता के बावजूद ब्लाग जगत के खबरची होनें की ज़िम्मेदारी तो निभानी है न.... तो लीजिए आज एक फ़टफ़टिया बुलेटिन एक अंदाज़ में.. पहले थोडा हंस लिया जाए...




-:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:-
पत्नी – अगर मैं मर जाऊं तो तुम क्या करोगे ?
पति – मैं भी मर जाऊंगा.
पत्नी – क्यों ?
पति – कभी-कभी ज्यादा ख़ुशी भी जान ले लेती है …. !!!
-:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:-

संता हवाईजहाज में सफर कर रहा था। एयरहोस्टेस ने मुस्कुराकर उसका अभिवादन किया। अभिवादन का प्रत्युत्तर देते हुए संता ने कहा – “आपकी शक्ल मेरी बीबी से काफी मिलती है।”
इस बात पर एयरहोस्टेस ने उसे एक तमाचा जड़ दिया। गाल सहलाते हुए संता ने कहा – “शक्ल ही नहीं, आदत भी मिलती है ….!”
-:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:-
बंता ने अपने दोस्त संता को जानकारी दी – यार आज बस में आते वक्त मेरी जेब कट गई पर मेरी बीबी ने मेरा पैसा बचा लिया।
संता ने आश्चर्य प्रकट करते हुये कहा – अच्छा ! तो क्या भाभीजी ने उस जेबकतरे को पकड़ लिया था ?

बंता – अरे नहीं यार, वह तो बस में मेरे साथ थी ही नहीं ?
संता – तो फिर उन्होंने तुम्हारे पैसे कैसे बचाये ?
बंता – अरे यार, उसने तो मेरे जागने के पहले बड़े सबेरे ही मेरा बटुआ खाली कर दिया था ……..
-:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:-
पत्नी: मेरे ओंठ गुलाब की पंखुड़ी जैसे हैं ना ?
पति : हाँ
पत्नी : मेरी आँखें कमल के फूल जैसी हैं ना ?
पति : हाँ
पत्नी : मेरी आवाज कोयल जैसी है ना ?
पति : हाँ
पत्नी : मेरी चाल मोरनी जैसी है ना ?
पति : हाँ

पत्नी : ओह ! तुम कितनी अच्छी बातें करते हो … !

-:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:-

चलिए अब आज के बुलेटिन की ओर चलते हैं

-:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:-














-:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:--:-:-:-:-:-

मित्रों आशा है की आपको आज का फ़टफ़टिया बुलेटिन पसन्द आया होगा.... तो फ़िर आप आनन्द लीजिए और हमें कल तक के लिए इज़ाजत दीजिए... 

जय हिन्द
देव

11 टिप्पणियाँ:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

वाह, पहले ही मन हल्का हो गया।

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत सुंदर जोक्स ,,,मजा आ गया,,,,

बीबी बैठी मायके , होरी नही सुहाय
साजन मोरे है नही,रंग न मोको भाय..
.
उपरोक्त शीर्षक पर आप सभी लोगो की रचनाए आमंत्रित है,,,,,
जानकारी हेतु ये लिंक देखे : होरी नही सुहाय,

ज्योति खरे ने कहा…

दरअसल यह जोक्स नहीं जीवन का सच हैं
सुंदर संग्रह---बढ़िया संयोजन
बधाई

तुषार राज रस्तोगी ने कहा…

देव बाबु बहुत बढ़िया चुटकुले छोड़ दिए आपने | लोटपोट हो गई सुबह | बढ़िया संयोजन कड़ियों का | आभार


कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
Tamasha-E-Zindagi
Tamashaezindagi FB Page

Asha Saxena ने कहा…

चुटकुला अच्छा लगा |कभी मेरे ब्लॉग पर भी आएं |
आशा

शिवम् मिश्रा ने कहा…

यह 'झटपटिया बुलेटिन' एकदम मस्त रहा ... लगता देव बाबू होली के रंग मे अभी से आ गए है !

सुज्ञ ने कहा…

@पत्नी : ओह ! तुम कितनी अच्छी बातें करते हो … !
पति : क्या करें प्रिय, अपनी आदत ही कुछ ऐसी है। :)

Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत बढ़िया. मस्त..

कविता रावत ने कहा…

बढ़िया मस्त नोक झोंक....
बढ़िया लिंक्स लेकर संतुलित बुलेटिन प्रस्तुति ...

Asha Saxena ने कहा…

बढ़िया सूत्र |कार्टून बहुत अच्छा लगा |
आशा

संजय कुमार भास्‍कर ने कहा…

-बढ़िया संयोजन

एक टिप्पणी भेजें

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!

लेखागार