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मंगलवार, 30 जनवरी 2018

दूल्हे का फूफा खिसयाना लगता है ...

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

आज-कल जिनके घर शादी होती है वो भी अलग WhatsApp ग्रुप बनाने लगे हैं और इन ग्रुप में होती हैं कुछ मज़ेदार बातें ... आइये जानें क्या - क्या होता है ...

चाय बन गयी है, सब आ जाओ।

फेरे चालू हो गए, जल्दी पहुँचों।

मौसा जी आप कहाँ हो मंडप में पहुंचो।

मामा जी, दूल्हे का कोट कहाँ है?

और इसी बीच फूफा जी ने ग्रुप छोड़ दिया।

क्योंकि उनको किसी ने अभी तक पूछा ही नहीं है।

सादर आपका

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7 टिप्पणियाँ:

Manish Kumar ने कहा…

हा हा मजेदार !

Dr Kiran Mishra ने कहा…

आभार।

sadhana vaid ने कहा…

रोचक बुलेटिन ! आज के इस बुलेटिन में मेरी 'उलझन' को सम्मिलित करने के लिए आभार शिवम् जी !

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति ..

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

फूफा और जवाई, इनसे बच कर रहना भाई !

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति।

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