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शनिवार, 8 मार्च 2014

महिला दिवस... और हम

मित्रों आठ मार्च को महिला दिवस मनाया गया... विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आवाहन, यह दिवस सबसे पहले सबसे पहले यह २८ फरवरी १९०९ में मनाया गया। इसके बाद यह फरवरी के आखरी इतवार के दिन मनाया जाने लगा। १९१० में सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपेनहेगन के सम्मेलन में इसे अन्तरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया। उस समय इसका प्रमुख ध्येय महिलाओं को वोट देने के अधिकार दिलवाना था क्योंकि, उस समय अधिकर देशों में महिला को वोट देने का अधिकार नहीं था। १९१७ में रुस की महिलाओं ने, महिला दिवस पर रोटी और कपड़े के लिये हड़ताल पर जाने का फैसला किया। यह हड़ताल भी ऐतिहासिक थी। ज़ार ने सत्ता छोड़ी, अन्तरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने के अधिकार दिये। उस समय रुस में जुलियन कैलेंडर चलता था और बाकी दुनिया में ग्रेगेरियन कैलेंडर। इन दोनो की तारीखों में कुछ अन्तर है। जुलियन कैलेंडर के मुताबिक १९१७ की फरवरी का आखरी इतवार २३ फरवरी को था जब की ग्रेगेरियन कैलैंडर के अनुसार उस दिन ८ मार्च थी। इस समय पूरी दुनिया में (यहां तक रूस में भी) ग्रेगेरियन कैलैंडर चलता है। इसी लिये ८ मार्च, महिला दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।




फ़िलहाल आज कल की सुविधावादी समाज में यह दिन भी एक दिन मात्र है.. बडी बडी बातें करो और वाहवाही लूटो.... लीजिए कुछ नज़र डालिए आज किए गये भाषणों और वादों पर..

मोदी:- महिलाओं को मिले फैसला लेने की आजादी.. महिला शिक्षित हो तो पीढ़ियां शिक्षित हो जाती हैं
राहुल :- महिलाओं के सशक्त बनने से भारत बनेगा महाशक्ति
अखिलेश :- आधी आबादी को पीछे रखकर तरक्की संभव नहीं 

देखते हैं महिलाओं के बारे में इतनी बकर बकर करनें और इतनी चिन्ता करनें वाले यह महान लोग चुनाव में कितनें प्रतिशत महिलाओं को टिकट देते हैं। 


चलिए अब ब्लाग जगत की ओर चलते हैं................... 












मित्रों अन्त में सभी को महिला दिवस की बधाई.. इस संकल्प के साथ की महिलाओं का आदर हमारे मन से, घर से, समाज से, शहर से और देश से होना चाहिए.. इस देश की सभ्यता का प्रतीक है नारी... 

5 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बहुत सुंदर सूत्रों से सजी आज की महिला दिवसीय बुलेटिन ।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

महिला दिवस को समर्पित एक उम्दा बुलेटिन ... आभार देव |

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

बहुत सुन्दर बुलेटिन.. ज़रा व्यस्त हो गया हूँ.. इसलिये थोड़ी गतिविधि कम है इन दिनों!!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सुन्दर और स्तरीय सूत्र..

Tamasha-E-Zindagi ने कहा…

जो म से मिलकर हिला दे दुनिया को वही महिला कहलाती है | जय हो शानदार बुलेटिन लगाने पर

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