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शनिवार, 28 अप्रैल 2012

सलिल बिहारी, एम्.पी. के तरफ से डेढ़ सौवाँ - ब्लॉग बुलेटिन


ई जो हमरे सिवम बाबू हैं ना, जब कोनो हाफ सेंचुरी, सेंचुरी, चाहे डेढ़ सेंचुरी वाला बुलेटिन का पारी आता है, त हमको पकड़ा देते हैं, लिखने के लिए. इनको पता है कि हम ना नहिंये बोलेंगे. बाकी जब कोनो ज्वलंत मुद्दा होता है त हमको कहियो नहीं कहेंगे. अब जाने दीजिए, बड़प्पन का बहुत सा नोकसान में एगो इहो नोकसान है कि छोटा भाई लोग का बात मानिए लेना पड़ता है. त चलिए हमहूँ हाजिर हैं एकाध ठो ताजा खबर के साथ आज का डेढ़ सौवाँ बुलेटिन लेकर. बिहारी बाबू एम्.पी (महा पकाऊ- एम्.पी. माने हर घड़ी सचिन नहीं होता है)

बॉलीवुड अभिनेत्री जोहरा सहगल ने नई दिल्ली में शुक्रवार, 27 अप्रैल को कुछ इस तरह केक काटकर अपना सौवां जन्मदिन मनाया। (चित्र जागरण से साभार ) 
सबसे पहिले बात करते हैं सेंचुरी का... का बोले.. सचिन का बारे में. दुर्र, सेंचुरी माने हर घड़ी सचिन नहीं होता है. आज त सेंचुरी के नाम पर जिनको हम इयाद कर रहे हैं उनका पैर छूने का मन करता है. आज सौ साल का उम्र हो गया महान कलाकार जोहरा सहगल का. आझो उनको याद करते हैं त उनका ओही सरारत भरा आँख याद आता है और खूबसूरत आवाज़. हिन्दी, अंग्रेज़ी अऊर उर्दू पर एक समान महारत... जेतना अच्छा कलाकार, ओतने माहिर नर्तकी. अब नृत्य और उदय शंकर जी का नाम के साथ जब इनका नाम जुट जाए त आप अंदाजा लगा सकते हैं कि बस संगम का पबित्रता इस्टेज पर बिखर जाता है. ख्वाजा अहमद अब्बास साहब अऊर चेतन आनंद जी के साथ फिल्म का सुरुआत, इप्टा का सम्बन्ध, एक तरफ १९४६ का धरती के लाल और नीचा नगर, दूसरा तरफ चीनी कम और सांवरिया सन २००७ में.. बीच में बहुत सा हिन्दी अंग्रेज़ी सिनेमा, रंगमंच और टीवी. पद्मविभूषण (२०१० में), संगीत नाटक आकादमी का फेलोशिप (२००४ में) अऊर २००१ में कालिदास सम्मान.. बस एतना काफी है उनके बारे में कहने के लिए. हैप्पी बर्थ डे!! आपको परमात्मा अऊर लंबा उम्र दे!! लीजिये आपो पढ़िये ... अभी तो मैं जवान हूँ ... अभी तो मैं जवान हूँ - जोहरा सहगल के 100 वे जन्मदिन पर विशेष

चलिए अब तनी पार्लियामेंट का बात करते हैं... ताजा ताजा बात है... का बोले.. सचिन का बारे में. दुर्र, अरे ताजा एम्.पी. माने हर घड़ी सचिन नहीं होता है भाई! आज त रेखा जी के बारे में बतियाने का मन है. रेखा गनेसन, राज्य सभा में मनोनीत एम्.पी. अब जाकर हमरा बचपन का सपना पूरा हुआ. अरे एतना आँख तरेर कर काहे देख रहे हैं. बचपन से सुनते आ रहे हैं
निरमा, निरमा, वासिंग पाउडर निरमा,
रेखा, हेमा, जया अऊर सुसमा!
आज जाकर रेखा जी के आने से ई गनवा सच हुआ है. सब लोग बोलता है कि संसद में सब दूध का धुला नहीं होता है. अब ई चारों के आ जाने से का जाने दूध सा सफेदी आइये जाए! नहीं त काजल के कोठरी में से त देस का जनता एगो रोसनी का उम्मीद लगाए बैठले है.
अब आप लोग लिंक संभालिए अऊर घूमिये तनी ब्लॉगे-ब्लॉग. भाई हमनी का डेढ़ सौवाँ बुलेटिन है. पूरा टीम को बधाई अऊर पढ़ने वाला लोग को धन्यवाद! ले बलैय्या, सचिन के बारे में हम कहबे नहीं किये! दुर्र हर बुलेटिन का माने सचिन थोडो न होता है!

**************


आज निकली है धूप 
बहुत अरसे बाद 
सोचती हूँ 
निकलूँ बाहर 
समेट लूं जल्दी जल्दी 
कर लूं कोटा पूरा 


भैया ,रामसहारे जी।
क्यों हो हारे--हारे जी
क्यों तन्हा बेचारे जी।
सोचो रामसहारे जी


ऐसे दीपक को बुझाये क्या हवा -
तूफां में भी जो सदा जलता रहा ।


हृदय-देहरी पर , हथेली ने ढका  
मुश्किलों का दौर यूं  टलता  रहा ।


माँ बाप कई प्रकार के होते हैं। एक वे जो बच्चों की उद्दंडता को प्रोत्साहित करते हैं जबकि एक प्रकार वह भी है जो अपने बच्चे की ग़लती होने पर खुद भी शर्मिन्दा होकर क्षमायाचना करते हैं। एक माता पिता बच्चों के पढाई में ध्यान न देने पर उन्हें डराते हैं कि पढोगे नहीं तो घास काटनी पड़ेगी।

मेरे अंदर का बच्चा
क्यूँ करता है तंग
अंदर ही अंदर करता है हुड़दंग ।



मैंने सीताफल बाईक की डिक्की में रखा और उसे बीस का नोट दिया। उसने नोट को अपनी जेब में डाला और उसके बाद उसी हाथ से  दूसरी तरफ की जेब में से एक का सिक्का निकालने की कोशिश करने लगा। दूसरा हाथ कोहनी के  ऊपर से ही कटा हुआ था।


देश-वेश और जाति, धर्म का, मन में कुछ भी भेद नहीं।
भोग लिया जीवन सारा, अब मर जाने का खेद नहीं।।


शब्दों के अरण्य में
विचारों की गोष्ठी होती है
सुख दुःख आलोचना समालोचना
प्यार नफरत ...


"ए पगली, नींद आ रही है क्या ??? सर सहला दूं... ?"
"हम्म्म्म....."
".... आओ, चलो सो जाओ.. !!!"
"अच्छा एक बात बताओ, तुम्हारा हाथ दर्द नहीं करता ??? यूँ घंटों मेरा सर सहलाते रहते हो, खुद तो एक मिनट के लिए भी नहीं सोते.... !!!"



कभी कभी यूँ ही मैं ,
अपनी ज़िन्दगी के बेशुमार
कमरों से गुजरती हुई ,
अचानक ही ठहर जाती हूँ ,
जब कोई एक पल , मुझे
तेरी याद दिला जाता है !!!


मानवीय रिश्‍ते एक-दूसरे के पूरक होते हैं। हर पल हमें एक-दूसरे की आवश्‍यकता रहती है। लेकिन कभी ऐसा लगता है कि फला व्‍यक्ति हमें यूज कर रहा है। अर्थात हमारा उपयोग अपने स्‍वार्थपूर्ति के लिए कर रहा है। कई बार इस सत्‍य को आप जानते भी हैं लेकिन फिर भी आप यूज होते हैं।

अब आप लोग एन्जॉय कीजिये.. आनंद लीजिए.. हम एम्.पी. हैं मगर ई लिंक में जेतना पोस्ट है, उसमें से कोनो एम्.पी. नहीं हैं. पढ़िए और देखिये!!! हम चले!!!

जय राम जी की!  

33 टिप्पणियाँ:

Unknown ने कहा…

150वीं पोस्‍ट, गजब होस्‍ट
बेहतरीन रचना, टिप्‍पणी से मुश्‍िकल बचना
एक लिंक मैं भी छोड़ रहा हूं

'सचिन' की जगह 'आमिर' होता

http://www.yuvarocks.com/2012/04/blog-post_4336.html

न मैं आमिर का प्रसंशक नहीं हूं, और न सचिन का आलोचक। मगर कल जब अचानक राज्‍य सभा सांसद के लिए सचिन का नाम सामने आया तो हैरानी हुई, यह हैरानी मुझे ही नहीं, बल्‍कि बहुत से लोगों को हुई, केवल सचिन के दीवानों को छोड़कर।

Maheshwari kaneri ने कहा…

150वीं पोस्‍ट के लिए बहुत-बहुत बधाई..

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

सलिल जी,..कमाल की लिंक प्रस्तुति,..१५० वी ब्लॉग बुलेटिन पोस्ट प्रस्तुति करने के लिए आपको बधाई,..

MY RESENT POST .....आगे कोई मोड नही ....

चंचल बैसवारी ने कहा…

....बहुत उम्दा रिपोर्टिंग रही सलिल बाबू की !

मगर ई वही अपने सलिल वर्मा जी हैं ना ??

मनोज कुमार ने कहा…

एकदम अलगे अंदाज़ में बुलेटिन पेस किए है, ऐसा लगा जैसे अब आप सलिल कुमार वर्मा से प्रादेसिक समाचा्र सुनिए स्टाइल में।
डेढ सौ का बधाई, डेढ हजार का सुभकामना।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

@चंचल जी आप को कौन से सलिल वर्मा जी की तलाश है ??

शिवम् मिश्रा ने कहा…

सलिल दादा की जय हो ... बस ऐसे ही आप अपना आशीर्वाद और सहयोग दिये रहिए ... फिर देखिये बहुत ही जल्द 1500 वी पोस्ट भी आप ही तैयार करेंगे !

पूरी बुलेटिन टीम और सभी पाठको को ब्लॉग बुलेटिन की इस उपलब्धि पर बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनायें !

ANULATA RAJ NAIR ने कहा…

बढ़िया बुलेटिन .....
१५० वीं पोस्ट की बधाई.............
मज़ा आया पढ़ कर................
सलिल दादा की जय हो!!!
:-)

सादर.

ANULATA RAJ NAIR ने कहा…

स्पाम की जय हो..........
हमारी टिप्पणी लील गया.....

vandan gupta ने कहा…

बहुत खूबसूरत बुलेटिन सजाया है।

रश्मि प्रभा... ने कहा…

लेकिन जब डेढ़ इंच मुस्कान पसर जाता है पढ़ते पढ़ते त पता चल जाता है कि इसका मतलब चला बिहारी भाई हैं .... अब भाई हीरो त आप होइए गए हैं ... कुछो लिखिए , नुक्सान का त सवाले नहीं है . लिंकों सब कितना बढ़िया लाए हैं , हमरो याद रखे हैं त आसिरवाद त मिलबे करेगा न .... इ लो आसिरवाद आ खुस हो जाइये दीदी से ...
आ सिवम भाई सुन्ना का कमी है हरि १५०० तक गए , ऐसे लिखिए १५००००००००००००००००००००००००००००००००००००००

शिवम् मिश्रा ने कहा…

अब रश्मि दी हम को मालूम था आप कोई ऐसा रास्ता निकाल ही देंगी कि मामला १५०००००००००००००००००००००००००००००००००००००० तक पहुँच ही जाये ... हम तो केवल सलिल दादा को थोड़ा आराम देने के लिए केवल १५०० लिखे ताकि वो इतना वर्क लोड देख कर परेशान न हो ... ;-)

रश्मि प्रभा... ने कहा…

पता है भाई .... ये तो मेरी कामना है

विवेक रस्तोगी ने कहा…

वाह बधाई

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुंदर बुलेटिन...

vijay ने कहा…

१५० वीं पोस्ट की बधाई.
सुन्दर बुलेटिन

vikram7 ने कहा…

सलिल जी,..बेहतरीन लिंक प्रस्तुति,..१५० वी ब्लॉग बुलेटिन पोस्ट की बधाई

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

heheheh! bade bhaiaya ka bhi jabab nahi hain... subhe me dekhe blog par pahle ee sab link bhi ta dekhna parta:)) jai ho bade bhaiya:)
aur badhai to chalta rahega:)

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

१०० वीं वर्षगाँठ का यह अन्दाज तो भा गया।

अजय कुमार झा ने कहा…

बेहतरीन सर बेहतरीन । मिसर जी मौका पे चौका मारने में महारत हासिल किए हुए हैं ..बहुत ही बढियां किए तो आपको जिम्मेदारी थमा दिए सर । चलिए अब बढाते चलिए इस कारवां को

Smart Indian ने कहा…

150वीं पोस्ट की बधाई। इस अवसर पर सलिल जी के आगमन का स्वागत है। सुन्दर चर्चा, सुन्दर कड़ियाँ, आभार!

विभा रानी श्रीवास्तव ने कहा…

रश्मि प्रभा... ने कहा…
लेकिन जब डेढ़ इंच मुस्कान पसर जाता है पढ़ते पढ़ते त पता चल जाता है कि इसका मतलब चला बिहारी भाई हैं .... अब भाई हीरो त आप होइए गए हैं ... कुछो लिखिए , नुक्सान का त सवाले नहीं है . लिंकों सब कितना बढ़िया लाए हैं , हमरो याद रखे हैं त आसिरवाद त मिलबे करेगा न .... इ लो आसिरवाद आ खुस हो जाइये दीदी से ...
आ सिवम भाई सुन्ना का कमी है हरि १५०० तक गए , ऐसे लिखिए १५००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
isse achchha dusara to hobe naahi karataa aur meri bhi shubhkaamnaayen shaamil hai..... :)

रविकर ने कहा…

शुभकामनयें ||

रविकर ने कहा…

शुभकामनाएँ ||

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

१५० से सुरू किये थे.. बड़ा लोग १५० पर का मालूम केतना सुन्ना लगाकर कहाँ से कहाँ पहुंचा दिए.. कहे ना, ई सब आप लोग का प्यार अऊर आसीरबाद है कि ई बुलेटिन आज लोकप्रियता के नया नया ऊंचाई पर पहुँच रहा है.. बस एक्के अफ़सोस है कि प्रवीण पाण्डे जी जइसा स्थापित अऊर ज्ञानी ब्यक्ति बुलेटिन को बैक गियर में १०० पर ले गए!! चलिए ओहीं से सुरू करते हैं, ऊ एगो मकड़ी का खिस्सा था न कि ऊपर चढ़कर नीचे गिर जाता था, मगर फिर से हिम्मत करके आगे बढ़ता था.. अंत में सिखर पर पहुँच गया!!
सिवम बाबू जब फिर से दोहरा कर डेढ़ सौ आएगा त हम बुलेटिन लेकर फिर हाजिर होंगे!! तब तक आसीरबाद बनाए रखिये, प्रेम बरसाते रहिये!!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

@ सलिल दादा ... काहे गज़ब कर रहे है महाराज ... प्रवीण पाण्डे जी जइसा स्थापित अऊर ज्ञानी ब्यक्ति भला गलती कैसे कर सकता है ... मुझे यकीन है वो अपने कमेन्ट मे हो न हो ज़ोहरा सहगल जी के चित्र का ही जिक्र कर रहे होंगे जिस मे ज़ोहरा जी बड़े भी कातिलाना अंदाज़ मे अपने जन्मदिन का केक काटने की तैयारी मे दिख रही है !

Dev K Jha ने कहा…

गज्जब बुलेटिन लिखे सलिल दादा... एकदम चकाचक...
डेढे सौ न हुआ है... अभी त सचिन के दोहरा शतक फ़ेर लारा का ऊ चार सौ नाट आऊट का रिकार्ड भी तोडना है न....

जै हो....

गिरिजा कुलश्रेष्ठ ने कहा…

आपके ब्लाग से मुझे बहुत सारी अच्छी रचनाएं पढने मिलतीं हैं ।आगे आने से कतराने वालों को भी आप बरबस आगे ला रहे हैं यह बडी बात है ।

Shah Nawaz ने कहा…

100वीं वर्षगाठ और 15oवीं पोस्ट... एक साथ दोनों की शुभकामनाएँ! एकदम लल्लन टॉप बुलेटिन भाई भय्या!!!!!!

SKT ने कहा…

ज़ोहरा के जौहर देखे! इस उम्र में भी ये जलवा! माशाल्लाह अभी भी खूब जवान है...और आपकी प्रस्तुति भी ज़ोहरा सी दमदार।

वाणी गीत ने कहा…

रोचक अंदाज़ में 150वीं बुलेटिन पेश करने की बहुत शुभकामनाएं !

सदा ने कहा…

रोचकता से भरपूर 150वीं बुलेटिन ... बधाई सहित शुभकामनाएं

कविता रावत ने कहा…

रोचक प्रस्तुति!
१५० वी ब्लॉग बुलेटिन प्रस्तुति करने के लिएशु भकामनाएं!!

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