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मंगलवार, 10 अप्रैल 2012

मान न मान ......लो आ गये एक और मेहमान.... - ब्लॉग बुलेटिन

जी हाँ ....आप पढ  रहे हैं ब्लॉग बुलेटिन की यह खास मेहमान पोस्ट जिसके होस्ट हैं चश्मुद्दीन उर्फ यशवन्त माथुर ,हलचल वाले :)

वैसे मेहमान शब्द सुनकर मैं थोड़ा डर सा जाता हूँ क्योंकि बिहार में मेहमान किसे बुलाते हैं यह किसी से छुपा नहीं है और वैसा मेहमान बन कर अभी मैं मिमियाना नहीं चाहता :)....लेकिन कभी कभी मैं सोचता हूँ कि ब्लोगिंग की दुनिया मे हम सब मेहमान जैसे ही हैं क्योंकि चैट पर अगर कभी मिले तो वही सब फॉर्मल बातें आई मीन ....तकल्लुफ सा ....बना रहता है; और मेरी बात करें तो कुछ लोगों की नज़र मे मैं एक कार्टून हूँ और मेरी कार्टूनियत के नज़ारे चेहरे की किताब उर्फ फेसबुक पर अक्सर देखने को मिल ही जाते हैं।

ब्लॉग रेल मे 22 महीने का मेरा यह सफर अभी तक तो सुहाने रस्तों से गुज़रा है.... ऐसे रास्ते जहां के गुलजार नज़ारे देखते हुए समय का पता ही नहीं चलता और .... शायद आगे का सफर भी ऐसा ही रहेगा।

तो चलिये इस हॉल्ट (बुलेटिन) पर खड़े होकर आगे के लिंक ट्रैक पर भी एक नज़र डाल ही लीजिये---


[ट्रैक नंबर-1]

मनाते हुए 
इंटरनेट की गलियों मे
देखने
बिग बी और युवी के ट्वीट्स
जिनके सिमटे अक्षरों ने

ये सत्य भी तह लिया!

कि एक  

गीत..........जो लिख न सकी.

उस पर टिका था

तेरा वजूद ...

जिस्म का काला जादू

उघाड़ रहा है

मेरी पहचान

[ट्रैक नंबर-2 ]

बहुत डरता हूँ

कि चिताबद्ध होने से पहले

यादों के पोस्टर पर

लिख दूंगा
तेरी ग़ज़ल ।


क्यों हो गया न सीरियस ...?...न ...न....न...लिंक्स को समेटते हुए सीरियस कविता (?) सी ज़रूर बन गयी .....बट आय एम हैप्पी एट ऑल :) और मेरे साथ आप भी अब मुस्कुरा ही दीजिये...ऐसे ....:)))))

तो आज के इस मेहमान पर .....आप हो जाइये मेहरबान ...बा मुलाहिजा होशियार .....कीजिये इंतज़ार.... ब्लॉग बुलेटिन की अगली शानदार पेशकश का....नमस्कार!

33 टिप्पणियाँ:

सदा ने कहा…

वाह ...बहुत खूब यहां भी मचा दी न बुलेटिन में हलचल ...

vijay kumar sappatti ने कहा…

majedaar sir ji

ANULATA RAJ NAIR ने कहा…

:-)

अगर इस बुलेटिन पर प्रस्तुतकर्ता का नाम न भी होता तो हम पहचान जाते कि कौन (कार्टून) है ये...................
:-)
बहुत प्यारी प्रस्तुति यशवंत....
हमारी रचना को मान देने के लिए आपका आभार.

ढेर सी शुभकामनाएँ और स्नेह.
अनु

shikha varshney ने कहा…

यशवंत की क्षणिकामयी चर्चा लाजबाब होती है.यह बुलेटिन भी बहुत बढ़िया रहा.आभार.

shikha varshney ने कहा…

यशवंत की क्षणिकामयी चर्चा लाजबाब होती है.यह बुलेटिन भी बहुत बढ़िया रहा. आभार.

रश्मि प्रभा... ने कहा…

वाह ........ रेलगाड़ी से छुक छुक छुक यहाँ और लिंक्स की बहार खुश अंदाज में -

ऋता शेखर 'मधु' ने कहा…

शानदार प्रस्तुतिकरण...सभी लिंक्स शानदार.

रवीन्द्र प्रभात ने कहा…

बहुत बढ़िया प्रस्तुति ...!

Noopur ने कहा…

nice creation :)

शिवम् मिश्रा ने कहा…

ऐसे माहौल मे जब ब्लॉग जगत का तापमान चरम पर हो ... लोग बाग अपनी अपनी निजी खुन्नस ब्लॉग के माध्यम से निकलते दिख रहे हो ... यह बुलेटिन अपने आप मे एक बढ़िया उदाहरण है आपसी सदभाव का ... सब जानते है यशवंत जी खुद एक ऐसे ब्लॉग का संचालन संभालते है जो ब्लॉग पोस्टो की चर्चा से जुड़ा हुआ है ऐसे मे ब्लॉग बुलेटिन टीम के अनुरोध पर बुलेटिन लगा कर उन्होने यह साबित किया है कि भले ही कुछ लोग इस ब्लॉग जगत का माहौल खराब करने की लाख कोशिश कर लें हम लोग मिल कर उनकी हर साजिश का सामना करेंगे और ब्लॉग जगत मे ऐसे ही आपसी सदभाव बनाए रखेंगे ! मैं अपनी और पूरी ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से यशवंत जी को इस प्रयास के लिए बहुत बहुत साधुवाद देता हूँ ! हम आपके आभारी है !

सदा ने कहा…

कल 11/04/2012 को आपके इस ब्‍लॉग को नयी पुरानी हलचल पर लिंक किया जा रहा हैं.

आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!


... हलचल में चर्चा है ...

डॉ.सुनीता ने कहा…

माथुर जी...!
आपके अंदाजे बयां का कोई जबाब नहीं है.
यही कहना
सफर हैं मंजिल बेखबर है
राही न कोई था कारवां गजब है
आरजू के दरीचे खुले हैं
अंजुमने दिल यूहीं फ़िदा है
आहटें अन्देशों से परे आई है
जगमग ब्लॉग की दुनिया में
रौशनी की लेखनी गुदगुदाई है
सादर
डॉ.सुनीता

विभा रानी श्रीवास्तव ने कहा…

बिहार की मेहमान-नवाज़ी भी जग-प्रसिद्द है .... ब्लोगरों में बिहारियों की संख्या ज्यादा है .... इसलिए विस्तार से नहीं लिखूंगी .... एक बात जरुरी है(अप्रैल का महिना) पहला दिन-पहुना..... दूसरा दिन-ठेहुना ...... तीसरा दिन- केहू ना ..... चलिए ये तो हुई मुर्खोवाली बात .... आपके जैसे दिगज्ज की प्रस्तुति की क्या मिसाल वो तो बेमिसाल होनी ही थी.... लिंक्स के बारे में विचार सारे लिंक्स पढने के बाद.... मैं आज अति प्रसन्न हूँ एक और उपलब्धि पर .... :))))

Bharat Bhushan ने कहा…

वह हलचल थी, यह ज़लज़ला है :))

मुकेश पाण्डेय चन्दन ने कहा…

kya baat hai ! rochak prastuti

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

इनसे तो हमारा पुराना परिचय है.. इनसे पहले इनके पिता श्री विजय माथुर साहब के ब्लॉग के माध्यम से जुड़ा रहा, फिर कुछ पटना कनेक्शन और अंत में चेहरे की किताब पर इनसे मुलाक़ात हुई.. चेहरा तो वैसे भी मन का दर्पण होता है.. बस जुड गए.. इनकी मेहनत और ब्लॉग की जांच-पडताल, साफ़-सफाई, छांट-वांट.. गोया जो हाथ आया वो हीरे से कम तो हो ही नहीं सकता!!
बधाई हो!! ब्लॉग-बुलेटिन की शानदार चर्चा!!

यशवन्त माथुर (Yashwant Raj Bali Mathur) ने कहा…

फेसबुक पर प्राप्त डॉ सुनीता जी का कमेन्ट-

डॉ.सुनीता कविता
माथुर जी...!
आपके अंदाजे बयां का कोई जबाब नहीं है.
यही कहना है---
सफर हैं मंजिल बेखबर है
राही न कोई था कारवां गजब है
आरजू के दरीचे खुले हैं
अंजुमने दिल यूहीं फ़िदा है
आहटें अन्देशों से परे आई है
जगमग ब्लॉग की दुनिया में
रौशनी की लेखनी गुदगुदाई है
सादर
डॉ.सुनीता ,
आपके बुलेटिन ने मेरे अभिव्यक्ति को स्वीकार नहीं किया सो यहाँ भेज रही हूँ...

डॉ टी एस दराल ने कहा…

बहुत अच्छा प्रयास है .
पुरानी पोस्ट देखकर आश्चर्य मिश्रित हैरानी भी हुई .

संध्या शर्मा ने कहा…

सचमुच शानदार पेशकश है, प्रस्तुतीकरण के अंदाज़ से पता चल गया ये कौन है. अपनी रचना यहाँ देखकर बहुत अच्छा लगा... आभार :)

दिगम्बर नासवा ने कहा…

Links ka ye andaaz bhi lajawaab hai .... mazaa aa gaya ...

Udan Tashtari ने कहा…

वाह जी...यह भी खूब रही और आपने तो हमारी भी कही!! आभार!!

इन्दु पुरी ने कहा…

चीत्कार के हाथ में पेन्सिल या ब्रश पकड़ा दो .आदि तिरछी रेखाएं भी एक प्यारी सी कलाकृति का रूप ले लेगी.यीशु! तमने लिंक्स को अपने शब्दों के साथ मिलाकर लिखा ....खुद एक कविता बन गई.:)
तुम गानों के शौक़ीन हो यह बात तो मैं कभी से जानती हूँ.तुम्हारी संगीत की समझ,गहराई में डूबने के हूनर से बावस्ता थी पर...यह रूप नया नया है......प्यारा भी.जियो

Unknown ने कहा…

यशवंत माथुर की शानदार पोस्‍ट को मेरा सलाम

vijai Rajbali Mathur ने कहा…

सलिल वर्मा जी हीरे को पहचानने वाला 'जौहरी' होता है।

पटना=डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी के प्रदेश की राजधानी।

पटना= पाटलीपुत्र -चाणक्य वाला।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत रफ्तार से रेल चली .... बढ़िया चर्चा

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सभी के सभी लिंक स्तरीय हैं..

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

कविता मयी सुंदर लिंकों की प्रस्तुति,..
यशवंत जी बहुत अच्छी लगी,..

Anupama Tripathi ने कहा…

वाह चिर परिचित हलचल यहाँ भी .....
चर्चाकार के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं यशवंत ...
बधाई एवं शुभकामनायें ...!!

यशवन्त माथुर (Yashwant Raj Bali Mathur) ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन पर पोस्ट लगाने का अवसर मिलना मेरे लिये किसी सुखद एहसास से कम नहीं था।

मैं शिवम जी , ब्लॉग बुलेटिन की पूरी टीम और यहाँ उपस्थित पाठकों का ह्रदय से आभारी हूँ।

सादर

Tulika Sharma ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.
Tulika Sharma ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.
Tulika Sharma ने कहा…

इस निष्काम कर्म के लिए बधाई के पात्र हैं आप यशवंत जी ...सभी लिंक्स पसंद आए ...यहाँ मुझे स्थान और मान देने के लिए शुक्रिया

sushila ने कहा…

वाह ! सभी लिंक्स को बहुत ही सुंदरता से काव्य में पिरोया है आपने! बधाई यशवंत जी !

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