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रविवार, 13 दिसंबर 2015

प्रतिभाओं की कमी नहीं - एक अवलोकन 2015 (१३)


एक तिनका 
कितनी उम्मीदें 
वो भी आखिरी 
बचा ले तो ज़िन्दगी और मिल जाये 
कई पारी खेलने का वक़्त मिल जाये 
एक और वर्ष प्रतिभाओं से मिलने 
कहने-सुनाने को मिल जाये  ... 


Alive Hopes


कितना महान है !
कितना महान है !
तिनका होना !!!
तिनका यानि कि डूबते हुए की आख़िरी इकलौती उम्मीद !
किसी का सहारा बनना है तो पहले तिनका होना पड़े
तिनका है ही तीन का -- खुद का , खुदा का , उम्मीदों बाधें दूसरों का
तिनका अर्थात बित्ता से वज़ूद लिए किसी का किसी के लिए खुदा होना
तिनका होना अर्थात उस बित्ते से वज़ूद का भी ग़रूर न होना
गर वज़ूद का ग़रूर होगा 
तो उस के बोझ से भारी से हो ख़ुद ही न डूब जायेंगें
और डूबने का ख़ौफ़ लिए कोई कैसे किसी का सहारा हो सके !
सहारा बनने के लिए कोई भी ग़रूर काम न आ सके 
ग़रूर छोड़ते ही , मुर्दा भी तिनका सा तैरने लग जाता है
.
सवाल ये भी है 
कि जिसका ख़ुद कोई वज़ूद ही न हो 
वो कैसे किसी का सहारा बन सकेगा !
ज़वाब सवाल में ही कहीं समाया हुआ कहता है 
कि जो ख़ुद किसी सहारे (आधार ) का मोहताज़ नहीं 
वही सहारा बन सकता है !
डूबने वाला भी सारे अपने डूब गए सामान की फिक्र से खुद को जुदा कर 
ख़ुद के डूबते जाते शरीर की भी परवाह किये बग़ैर 
अपनी ही साँसों की रस्सियों को हाथों से पकडे रहने की हरचंद कोशिश करता 
जेहन में किन्हीं भूले बिसरे खुदाई मिसरों को हड़बड़ाहट में बुदबुदाता
तिनके को तैरते देख लेता है तो हिम्मत बंधती है 
तिनके का कुछ और खोने के ख़ौफ़ से परे हल्का हो तैर पाते देखना ही उसका सहारा पाना है

तिनका होना अलग बात है 
तिनका होकर सहारा बनना अलग
********************************.

5 टिप्पणियाँ:

Kavita Rawat ने कहा…

नित नयी और अच्छी अच्छी रचनाएँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है
बढ़िया बुलेटिन प्रस्तुति हेतु आभार!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

कभी कभी एक तिनका भी बहुत बड़ा सहारा होता है ... :)

सदा ने कहा…

Tinka - tinka jod k banta hai ghosla....jahan janam lete hai khwaaab

kuldeep thakur ने कहा…

सुंदर क्या खूब, चुनकर मोती लाते हैं आप....

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बहुत सुंदर !

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