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मंगलवार, 8 अप्रैल 2014

प्रथम स्वतन्त्रता सेनानी मंगल पाण्डेय और हास्यकवि अलबेला खत्री - ब्लॉग बुलेटिन

सभी चिट्ठाकार मित्रों को सादर नमस्ते।।


आज २१ मार्च है  … आज ही के दिन सन 1857 के प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रदूत मंगल पाण्डेय ने विद्रोह की शुरुआत की थी। जब गाय व सुअर कि चर्बी लगे कारतूस इस्तमाल में लेने का आदेश हुआ तब बैरकपुर छावनी में बंगाल नेटिव इन्फैण्ट्री की ३४वीं रेजीमेण्ट में सिपाही मंगल पाण्डेय ने मना करते हुए विरोध जताया इसके परिणाम स्वरूप उनके हथियार छीन लिये जाने व वर्दी उतार लेने का फौजी हुक्म हुआ। आगे यहाँ पढ़े ...... 


आज शाम होते होते ब्लॉग जगत को एक गहरा झटका लगा। हम सबके प्रिय हास्यकवि, लॉफ्टर चैपियन और ब्लॉगर अलबेला खत्री जी अब हमारे बीच नहीं रहे। अलबेला जी विगत एक सप्ताह से सूरत ( गुजरात ) के महावीर अस्पताल में आईसीयू में कोमा में थे। आज दोपहर लगभग 3 बजे अलबेला जी ने अन्तिम साँस ली। अलबेला खत्री जी को हम सब विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते है। इस दुःख की घड़ी में हम सब उनके परिवार के साथ है। सादर।।



अलबेला खत्री जी के प्रमुख हिन्दी ब्लॉग है :-

Albelakhatri.com
अलबेला खत्री की महफ़िल
Hasya Kavi Albela Khatri


अब चलते हैं आज कि बुलेटिन की ओर  .... 














आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे। शुभरात्रि।।

8 टिप्पणियाँ:

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

यह बहुत दुखद समाचार है। विनम्र श्रद्धांजलि।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

अत्यंत दुखद समाचार... मेरा एक ही बार अलबेला भाई साहब से मिलना हुआ था जब वो मैनपुरी कविता पाठ करने आए थे ... पर फोन पर कई बार बात हुई थी |

बेहद खुश मिजाज और बड़े दिल वाले अलबेले बड़े भाई को मेरा प्रणाम और विनम्र श्रद्धांजलि |

ॐ शांति शांति शांति |

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

अलबेला खत्री जी को श्रद्धाँजलि । ब्लाग की दुनियाँ शोकमय है । 'उलूक' की खबर 'क्यों परेशाँ रहे कोई रात भर सुबह के अखबार से सब पता चल जाता है' को शामिल करने पर आभार । मंगल पाँडे को नमन ।

sadhana vaid ने कहा…

अत्यंत दुखद समाचार ! विनम्र श्रद्धांजलि ! परिवार के सभी सदस्यों के लिये हार्दिक संवेदना !

DrZakir Ali Rajnish ने कहा…

विनम्र श्रद्धांजलि !

कविता रावत ने कहा…

विनम्र श्रद्धांजलि !

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

अलबेलाजी को विनम्र श्रद्धांजलि।

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…



अलविदा अलबेला भाईजी !
काश आप ऐसे नहीं जाते...
अश्रुपूरित श्रद्धांजलि !


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