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मंगलवार, 9 जुलाई 2013

फिर भी दिल है हिंदुस्तानी - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों ,
प्रणाम !

आज कल के मौजूदा दौर मे जब जब आप का दिल रुपये की गिरती कीमत और टमाटर के बढ़ते दामों दुखी होने लगे ... तब तब ... ज़रा गौर से सोचिएगा कि ...
उस अमरीकी डॉलर की भला क्या औकात है ?
.
..
...
उस से महंगे तो हमारे टमाटर हैं।
सादर आपका 
शिवम मिश्रा

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अब आज्ञा दीजिये ...

जय हिन्द !!!

14 टिप्पणियाँ:

shikha varshney ने कहा…

badhiya links ..ekdam tamatar jaise unche:)

तुषार राज रस्तोगी ने कहा…

टमाटर तो अब लोग कमाकर भी नहीं खा पा रहे हैं | आग लगी पड़ी है सब्जियों के दामों में फिर वो चाहे ललाम लाल टमाटर हो या कोई और सब्ज़ी हो | अब चलते हैं लिनक्स की ओर | जय हो |

पूरण खण्डेलवाल ने कहा…

सुन्दर बुलेटिन !!

expression ने कहा…

आज कोई फिलोसोफी नहीं कोई खबर नहीं ???
कोरे कोरे लिंक्स ??
मगर अच्छे हैं सभी लिंक्स
शुक्रिया
सस्नेह
अनु

Ratan singh shekhawat ने कहा…

शानदार बुलेटिन

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत उम्दा लिंक्स प्रस्तुति,,,

RECENT POST: गुजारिश,

सु..मन(Suman Kapoor) ने कहा…

मेरी रचना को स्थान देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बढ़िया लिंक्स मिले .... आभार

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

achchhe links....

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

लाजवाब लिंक्स.

रामराम.

HARSHVARDHAN ने कहा…

लाजवाब बुलेटिन शिवम भाई।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार !

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

रोचक सूत्र..

सदा ने कहा…

अनुपम लिंक्‍स एवं प्रस्‍तुति ... आभार

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