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शुक्रवार, 3 मई 2013

तुम मानो न मानो ... सरबजीत शहीद हुआ है - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों ,
प्रणाम !

आज दोपहर सरबजीत सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया ! इस बीच यह चर्चा ज़ोरों पर रही कि सरबजीत को 'शहीद' का दर्जा दिया जाये या नहीं ???

कल आई बुलेटिन पर भी इस बारे मे राय रखी गई ... सब का अपना अपना नज़रिया है ... सब का अपना अपना मत है !

वैसे जिस देश मे जीते जी लोग न जाने क्या क्या बने बैठे है ... वहाँ एक सरबजीत 'शहीद' हो भी गया तो क्या फर्क पड़ता है ???

जिस ने अपनी ज़िन्दगी के २२ साल दुश्मन देश की कैद मे गुजारे हो केवल इस जुर्म के लिए कि वह एक भारतीय नागरिक है ... फिर उसका जुर्म तो कभी साबित हुआ भी नहीं था ... और एक बार को यह मान भी लें कि उस ने पाकिस्तान मे बम धमाके किए ... तो किस के कहने पर किए ... भारत सरकार के कहने पर ही न ... एक विशेष सियासी नीति के तहत ही न ... मतलब कि वो अपना फर्ज़ अदा कर रहा था एक जासूस के रूप मे ... एक रॉ एजेंट के रूप मे ... और फिर यह मत भूलिए उसको पाकिस्तान मे मौत उसके जुर्म के लिए नहीं मिली ... उसकी हत्या हुई !! 

फिर वो 'शहीद' कैसे नहीं हुआ ???

जब हमारे देश मे यह प्रथा रही है कि कोई नेता अगर मारा जाये तो उसे हाल 'शहीद' घोषित कर दिया जाता है ... कई सौ एकड़ जमीन पर उस की समाधि बनती है तो आज वक़्त आ गया है कि एक आम बंदा भी 'शहीद' कहलाए ... क्यों कि 'शहादत' पर किसी नेता की बपौती नहीं है !!   

ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से अमर शहीद सरबजीत सिंह जी को शत शत नमन !!
 सादर आपका 


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जबरदस्त कूटनीतिक असफलता का शिकार केंद्र सरकार

अपना गाँव… पार्ट 4 : बाल विवाह

अच्छा हुआ नर्गिस मर गयी ...

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बाग़ बगीचों का गुलदस्ता श्रीनगर यात्रा भाग ३

जाने कब जिंदगी को...!!!

मैं से परे मैं के साथ !!!

कुछ लिखने का मन नहीं करता -सतीश सक्सेना

सत्तू छोड़िए, बिहारी भाउनबीटा समझते हैं न ?

जब भी रोना हो !!! चिरागों को बुझा कर रोना...

छत्तीस वर्ष की गुलाबी गोटे दार चुनरिया (शादी की छत्तीस्वी साल गिरह )

पाक के नीयत कितने पाक़ हैं

प्यास का मारा करता क्या................... श़ायर ज़नाब अन्सार कम्बरी

सरबजीत तुमसे ----

चंद अनर्गल-सी कॉन्सपिरेसी थ्योरीज...

…वापस बेंगलुरू की ओर…

राजघाट में----------

" नापाक माटी में मौत एक पाक की ....."

बचपन की परिपक्वता..

क्या पाया उन बेटियों ने ...

यह यात्रा!

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अब आज्ञा दीजिये ...

जय हिन्द !!!

22 टिप्पणियाँ:

Vivek Rastogi ने कहा…

पता नहीं पर इस सब मामले में हम मीडिया से बहुत कुछ असहमत हैं, और शायद जनता से भी अभी जनता भावुक है.. पर फ़िर भी जो हुआ ठीक नहीं हुआ ।

Vikesh Badola ने कहा…

धन्‍यवाद।

Rajesh Kumari ने कहा…

शिवम् मिश्रा जी मेरी पोस्ट को ब्लॉग बुलेटिन में शामिल करने के लिए हार्दिक आभार आपका|

अरुणा ने कहा…

शिवम् मिश्रा जी मेरी पोस्ट को ब्लॉग बुलेटिन में शामिल करने के लिए हार्दिक आभार

जो हुआ अच्छा नहीं हुआ ये नहीं होना चाहिए था .........

expression ने कहा…

वो घिनौनी राजनीति का शिकार ज़रूर है.....
और परिवार ने अपना एक प्रिय तो खोया ही है.......
दुखद है...

लिंक्स अब देखती हूँ.
अनु

रश्मि प्रभा... ने कहा…

सरबजीत मारा गया .... उसका इंतज़ार खत्म हुआ
पर क्या सरबजीत मर गया? . नहीं
हर लेखनी में सरबजीत के प्रति जो भावना है,वह सरबजीत को जिंदा रखती है - किसी भी बहस से परे

jyoti khare ने कहा…

सरबजीत पर सार्थक बहस और संवेदना व्यक्त करती
बढ़िया प्रस्तुति
बढ़िया लिंक्स
शानदार संयोजन
मुझे सम्मलित करने का आभार

सतीश सक्सेना ने कहा…

आभार शिवम् आपका ...

स्वप्न मञ्जूषा ने कहा…

सरबजीत शहीद, न-शहीद से परे इक आईना है, जिसने पाकिस्तान का घटिया चेहरा दिखा दिया साथ ही दिखा दिया कि हमारे देश के राजनीतिज्ञ कितने अकर्मण्य हैं।

vibha rani Shrivastava ने कहा…

एक दिन अपने स्वभाव के विपरीत किसी पर व्यंग लिखूंगी ,कभी भी सोची नहीं थी
लेकिन गाली लिख भी नहीं सकती थी
बहुत - बहुत आभार आपका कि आप मेरे लिखे को यहाँ स्थान दिए
बहुत-बहुत धन्यवाद .......

yashoda agrawal ने कहा…

शुभ प्रभात
आज मैं बहुत आल्हादित हूँ
पहली बार मेरी पसंदीदा रचना यहाँ लाई गई
आभार ब्लाग-बुलेटिन
यहां पर और भी पसंदीदा रचनाओं के लिंक्स भी मिले
साधुवाद
सादर

वाणी गीत ने कहा…

नमन !

पूरण खण्डेलवाल ने कहा…

सार्थक बुलेटिन !!

संगीता पुरी ने कहा…

सुंदर लिंकों के लिए आपका आभा ..
वैसे मुसीबतें जिनके गले लगती वे शहीद नहीं कहलाते ..
शहीद वे कहलाते हैं जो औरों के लिए स्‍वयं मुसीबत को गले लगाते हैं ..
न जाने कितने सरबजीत पाकिस्‍तान की जेलों में आज भी तकलीफ भोग रहें हैं ..
बहस उन्‍हें वापस लाने की होती तो अधिक उपयुक्‍त होता !!

Rashmi Swaroop ने कहा…

मैं सहमत हूँ.
मेरी पोस्ट को स्थान दिया, इसके लिये बहुत आभार व्यक्त करती हूँ.
अब लिंक्स पर पहुँचा जाये…
धन्यवाद.

Swapnil Shukla ने कहा…

उत्कृ्ष्ट लेख . आभार

plz visit : http://swapnilsaundarya.blogspot.in/2013/05/blog-post.html

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

शहीद को नमन..

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार !

आनन्द विक्रम त्रिपाठी ने कहा…

अफज़ल के बदले सरबजीत की जान ली गयी ,सरबजीत सिंह को शहीद का दर्ज़ा दिया जाना चाहिए । शहीद सरबजीत पर बढियां प्रस्तुति एवं बढियां लिंक्स ।

अजय कुमार झा ने कहा…

आज वक़्त आ गया है कि एक आम बंदा भी 'शहीद' कहलाए ... क्यों कि 'शहादत' पर किसी नेता की बपौती नहीं है !!

यही बात सबसे अहम है शिवम भाई , वैसे मेरे नज़रिए से तो सरबजीत की मौत पर कोई भी प्रतिक्रिया देने का हक सिर्फ़ और सिर्फ़ सरबजीत के परिवार को है ।बांकी जो जैसा कह रहे हैं , वो उनका अपना अपना नज़रिया है , हां अंतिम सत्य ये है कि न तो उसके ऊपर लगाए गए आरोप संदेह से परे साबित हुए और न ही उसे इसके बदले में फ़ांसी पर लटकाया गया उसकी कायरतापूर्ण हत्या की गई , और उन लोगों से मुझे सिर्फ़ ये कहना है कि ..सेफ़ पैसेज छोड कर स्पष्ट कहें कि सरबजीत आंतकवादी था , अजमल और अफ़ज़ल की तरह , नहीं तो देश के नाम पर कुर्बान हुआ एक इंसान । या इस तरफ़ रहें या उस तरफ़ ।

Rajesh Kumari ने कहा…

हम सीना तान कर कहते हैं की सरबजीत शहीद हुआ है इसमें दो राय नहीं होनी चाहिए जहां से ये प्रश्न चिन्ह खड़ा हुआ है हम उसकी भी भर्त्सना करते हैं ,इस आलेख के लिए शिवम् जी आपको बहुत- बहुत बधाई|

Dr. Kumarendra Singh Sengar ने कहा…

आपकी पोस्ट अपने आपमें बहुत सी जानकरी देती है..हमारी पोस्ट इसमें स्थान बना पाई..आभार

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