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बुधवार, 23 नवंबर 2011

एक गरम चाय की प्याली हो ... संग ब्लॉग बुलेटिन निराली हो ...

प्रिय ब्लॉगर मित्रो ,
प्रणाम !


गुलाबी ठंड की शुरुआत हो चुकी है। अब वह समय आ गया है जब बिस्तर में दुबके अपने शरीर को बाहर निकालने से पहले स्फूर्ति का अहसास देने वाली चाय की प्याली मिल जाए तो फिर कहना ही क्या। ऐसे में चाय की हर चुस्की से मिलती है ज्यादा स्फूर्ति और दम। इस पेय को समूचे विश्व में स्वास्थ्यव‌र्द्धक पेयों की श्रेणी में गिना जाने लगा है।
स्वास्थ्यव‌र्द्धक आखिर क्यों? शोधों से यह सच सामने आया है कि चाय दैनिक दिनचर्या में काफी असरदायक हो सकती है। धूम्रपान करने वालों के लिए और कैंसर को कुछ हद तक दूर रखने में ग्रीन चाय व हर्बल टी काफी लाभदायक सिद्ध हो सकती है।
चाय पीने से रंग काला हो जाता है। अधिकांश लोग इस भ्रांति से ग्रसित रहते हैं। अगर ऐसा होता तो इंग्लैंड सहित यूरोप के अधिकांश लोग काले होते, क्योंकि वहां चाय हमारे यहां की अपेक्षा अधिक मात्रा में पी जाती है। इसलिए मन से यह संदेह निकाल देना चाहिए कि चाय पीने से आप काले हो जायेंगे  अच्छी क्वालिटी की चाय आपको स्फूर्ति का अहसास कराएगी। एक बात और कुछ लोग यह सोचते हैं कि चाय पीने से मोटापा बढ़ता है, उनको यह बात जान लेनी चाहिए कि ब्लैक टी में कैलोरी लगभग शून्य होती है। दूध के प्रयोग से ही इसमें कैलोरी की मात्रा बढ़ती है। यही कारण है कि आजकल लेमन टी और ब्लैक टी का प्रचलन जोर पकड़ने लगा है। आप भी अपनी हर सुबह की शुरुआत ताजगी भरी चाय के साथ कीजिए और पाइए नई स्फूर्ति। एक बार आजमाकर तो देखिए। 

हम तो हुज़ूर ... यह नुस्खा आज़मा रहे है और इस समय चाय पीते हुए ही यह बुलेटिन लगा रहे है ... ;-)

सादर आपका 



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नूडल्स (लघु कथा)  :- संग चाय मिलेगी क्या ??








फ़रमाईश :- पूरी हुयी क्या ?


जिंदगी के ये मसले कभी आसान तो होंगे...:- उम्मीद तो की ही जा सकती है ..   


निराश कविता में आस की पदचाप!  :- उम्मीद पर दुनिया कायम है ...  


क्या समीर जी की पोस्ट से नाराज हैं अन्ना...खुशदीप :- हम को नहीं मालुम ... हम मिडिया थोड़े ही है ... 


जिस्म एक सपाट पार्क है  :- कम से कम मेरा तो नहीं ही है ... ;-)


देसिल बयना – 106 : हंसा था सो उड़ गया, कागा भया दिवान...!  :- "ए ब्रह्मण तू लौट जा बाघ कहीं जजमान"












दुनिया की सबसे महंगी सब्जी  :- क्या वहां भी कांग्रेस की सरकार है ???  








"सुकून" के अपहरणकर्ताओं से...चंद बातें  :- तो कब आज़ाद हो रहा है सुकून ???  



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अब आज्ञा दीजिये ... कल फिर मिलते है ... तब तक एक पोस्ट हमारी भी झेलिये सरकार ... ;-)

महंगाई का कारण :- हर एक पर ३२ का होना ...


जय हिंद !!


22 टिप्पणियाँ:

नुक्‍कड़ ने कहा…

ग्रीन चाय के फायदे बतला रहे हो

और ब्राऊन चाय पिला रहे हो

इससे तो खीरे का जूस पिला देते

ठंडक में गर्मी मिलती सूप पीकर।

shikha varshney ने कहा…

चाय के साथ बुलेटिन अच्छा है...

सुमित प्रताप सिंह Sumit Pratap Singh ने कहा…

शुक्रिया शिवम मिश्र जी...

कुमार राधारमण ने कहा…

आपने खुद तो अपडेट हुए ही,ब्लॉगरों को भी किया। आभार।

AlbelaKhatri.com ने कहा…

waah...........khushi hui yahan aa kar

jai hind !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बुलेटिन को आपने बहुत बढ़िया लिंकों से सजाया है!
आभार!

रश्मि प्रभा... ने कहा…

हल्की ठण्ड का आलम है............
एक गर्मागर्म कॉफी हो जाए!
.........
कॉफी और मौसम तो बस बहाना है-
साथ बैठने का,
रिश्तों की खोई गर्मी को लौटाने का.........बुलेटिन की सरगर्मी के साथ

डॉ टी एस दराल ने कहा…

भई हम तो सभी तरह की चाय पी लेते हैं ।
लिंक्स देने के लिए आभार ।
अक्सर आपके ब्लॉग पर जाते ही फायरफोक्स क्रैश कर जाता है । इसलिए चाहकर भी आना नहीं हो पाता ।

Sunil Kumar ने कहा…

लीजिये हम भी शामिल हो गए चाय के साथ अच्छे लिंक !!!

संगीता पुरी ने कहा…

चाय की प्‍याली के साथ तो नहीं देख सकी ..
देख भी लेती तो पढने की बारी अब ही आती ..
अच्‍छे लिंकों के लिए आभार !!

अजय कुमार झा ने कहा…

बाह बाह गरमा गरम प्याली के साथ नरमा नरम पोस्ट लिंक्स , बोले तो झक्कास है मिसर जी एकदम झक्कास

Atul Shrivastava ने कहा…

बढिया चर्चा।
बेहतर लिंक्स।
आभार.....

monali ने कहा…

Ek se ek behatareen link har baar ki tereh.. thank u :)

देव कुमार झा ने कहा…

हम समझ गये भईया... भाभी जी मायके गई हैं न.....
वैसे ज़बरदस्त बुलेटिन...
शुभकामनाएं....

"जाटदेवता" संदीप पवाँर ने कहा…

बेहतरीन

मनोज कुमार ने कहा…

बुलेटिन का अंदाज़ अच्छा लगा।
पिछली बार जब नीलगिरी गया था तो वहां से वहां की सफ़ेद चाय ले आया हूं।
सच मानिए बहुत ही स्फूर्तिदायक है।

वन्दना ने कहा…

बुलेटिन को आपने बहुत बढ़िया लिंकों से सजाया है.............बेहतर लिंक्स।

mridula pradhan ने कहा…

pahli baar yahana aaye....bahut achcha laga.

अनुपमा पाठक ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन निरंतर प्रगतिशील रहे...
शुभकामनाएं!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार !

rashmi ravija ने कहा…

बढ़िया ब्लॉग बुलेटिन
अच्छी पोस्ट्स के लिंक्स

संतोष कुमार ने कहा…

Badhiyan hai pehli baar aana hua ab to aate rahenge chai ke saath blog ke bhi chuski ho jayegi..

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