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रविवार, 19 मार्च 2017

राजनीति का ये पक्ष गायब क्यों : ब्लॉग बुलेटिन

नमस्कार मित्रो,
आख़िरकार उत्तर प्रदेश में सरकार बन गई. आज शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी संपन्न हो गया. हिन्दुत्वादी छवि रखने वाले योगी आदित्यनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाये गए. उनके साथ दो उप-मुख्यमंत्री भी बनाये गए. इसका सभी लोग अपने-अपने स्तर पर अपना-अपना आकलन कर रहे हैं. नए मुख्यमंत्री के लिए आने वाला समय काफी कठिन साबित होने वाला है, जो यकीनन उनकी परीक्षा लेगा. एक तरफ जहाँ राम मंदिर निर्माण मुद्दा सामने आएगा वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास को व्यावहारिक रूप से लागू करना भी होगा. ये तो आने वाला समय बताएगा कि योगी और उनका मंत्रिमंडल इसके अलावा अन्य मुद्दों पर कितना खरा उतरता है किन्तु आज शपथ ग्रहण पश्चात् मंच पर जो दृश्य उभर कर सामने आया वो व्यापक सन्देश देता है बशर्ते उस सन्देश को पूर्वाग्रह-रहित होकर देखा-समझा जाये.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (मध्य में) बाँए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दांए उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा 

लखनऊ में स्मृति उपवन में संपन्न शपथ ग्रहण समारोह के बाद मंच पर एक दूसरे से अभिवादन की श्रंखला में समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव जी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से बड़ी ही गर्मजोशी से मिले. मिलने के साथ-साथ उन्होने मोदी जी के कान में कुछ कहा. इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा इशारा करके उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बुलाकर नरेन्द्र मोदी जी से मिलने का इशारा किया. अखिलेश ने मुस्कुराकर मोदी जी से हाथ मिलाया साथ ही मोदी जी ने भी पूरे स्नेह से अखिलेश जी के कंधे को देर तक थपथपाया. इसी दौरान मुलायम सिंह ने भी हँसकर अखिलेश की ओर इशारा करते हुए कुछ कहा. पूरे चुनाव भर एक दूसरे के लिए अत्यधिक कटु शब्दों, वाक्यों, बयानों का इस्तेमाल करने वाले ये नेता आपस में किस तरह बिना किसी मनमुटाव के मिले ये सीखने वाली बात है. 


ये बातें ख़ास तौर से उन लोगों को सीखनी चाहिए जो राजनीति में दूर तक जाना चाहते हैं; जो जिला, तहसील, ब्लॉक, नगर की राजनीति करने में लगे हैं. ऐसे लोग जरा-जरा सी बात पर आपसी रंजिश निभाने लगते हैं. आपसी कटुता इस कदर बढ़ जाती है कि हत्याएँ तक हो जाती हैं. स्पष्ट है कि ये राजनीति नहीं है. समझना-सोचना-सीखना होगा कि जबकि राष्ट्रीय स्तर पर इन बड़े नेताओं में ऐसी कटुता नहीं दिखाई देती तो जरा-जरा से पद के लिए, छोटे-छोटे लाभ के लिए आपस में छोटे नेताओं में वैर-भाव क्यों पनप जाता है?

बहरहाल, उत्तर प्रदेश की नई सरकार को बधाई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रिमंडल को बधाई, शुभकामनायें कि उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बनाये.

लीजिये, आज की बुलेटिन आपके समक्ष प्रस्तुत है.

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7 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

आम मतदाता सीखता रहता है ताजिंदगी :) सुन्दर बुलेटिन।

yashoda Agrawal ने कहा…

शुभ संध्या
सुन्दर तात्कालिक रचनाएँ
सादर

Udan Tashtari ने कहा…

निश्चित ही सोखने योग्य बात...आभार मेरी प्रविष्टी को स्थान देने के लिए

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी सामयिक जानकारी के साथ सार्थक बुलेटिन प्रस्तुति

Siddharth Garg ने कहा…

Great post. Check my website on hindi stories at afsaana
. Thanks!

सु-मन (Suman Kapoor) ने कहा…

उत्तर प्रदेश वालों को नए मुख्यमंत्री की बधाई | बुलेटिन जानदार

Riyaz Abbas Abidi ने कहा…

Dhayniywad

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