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बुधवार, 27 मई 2015

जयंती - प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र और ब्लॉग बुलेटिन

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार!!
प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र
प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र भारत के प्रख्यात इतिहासकार और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के पूर्व अध्यक्ष थे । प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र भारत के स्वतन्त्रता संघर्ष और आधुनिक इतिहास लेखन परंपरा के प्रसिद्ध इतिहासकार थे।  बिपिन चन्द्र जी का जन्म कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में 27 मई, सन् 1928 ई. को हुआ था । प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग के अध्यक्ष रह चुके थे । प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र की गिनती देश के चोटी के इतिहासकारों में होती है । प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र जी द्वारा लिखी गई प्रमुख पुस्तकें हैं - 'आधुनिक भारत का इतिहास', 'आधुनिक भारत और आर्थिक राष्ट्रवाद', 'द राइज एंड ग्रोथ ऑफ इकोनोमिक', 'इंडिया आफ्टर इंडिपेंडेंस', 'इंडियाज़ स्ट्रगल फ़ॉर इंडिपेंडेंस' आदि । प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र का आधुनिक भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान था । भारत सरकार ने प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र को वर्ष 2010 में भारत के तृतीय सर्वोच्च नागरिक सम्मान "पद्म भूषण" से विभूषित किया था। प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र जी का लंबी स्वास्थ्य बीमारी के चलते 30 अगस्त, सन् 2010 ई. को उनके आवास पर गुड़गाँव, हरियाणा में निधन हो गया था।


प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र जी को उनके 87वें जन्म दिवस पर हम सब उनके किये गये ऐतिहासिक लेखन कार्य को याद करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं सादर 


हर्षवर्धन श्रीवास्तव


अब रुख करते हैं आज की बुलेटिन की ओर .........














आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे। सादर।।   

10 टिप्पणियाँ:

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत बढ़िया बुलेटिन प्रस्तुति हेतु आभार!
बिपिन चन्द्र जी को विनम्र श्रद्धांजलि!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र जी को मेरा नमन|

बढ़िया बुलेटिन लगाया हर्ष आपने ... आभार |

Neeraj Kumar Neer ने कहा…

बहुत सुन्दर बुलेटिन. धन्यवाद मेरी रचना हिमसागर को स्थान देने के लिए. ... जहाँ तक प्रो बिपिन चन्द्र का सम्बन्ध है . इन्होने इतिहास को लाल रंग के चश्मे से ही देखने की चेष्टा की एवं एक इतिहास कार के रूप में निष्पक्ष होकर सत्य को प्रस्तुत नहीं किया.

abhishek shukla ने कहा…

सुन्दर चर्चा।

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

प्रोफ़ेसर बिपिन चन्द्र जी को उनके 87वें जन्म दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि | सुंदर प्रस्तुति हर्ष और साथ में आभार 'उलूक' के सूत्र 'शतक इस साल का कमाल आस पास की हवा के उछाल का' को आज के बुलेटिन में स्थान देने के लिये ।

suneel kumar sajal ने कहा…

achchhi jaankari.

sandeep ola ने कहा…

आपका बहुत - बहुत आभार जो आपने मेरे ब्लॉग आपकीसहायता की पोस्ट Whatsapp Kya Hai? कैसे बना को अपने बुलेटिन में जगह दी.
संदीप ओला , राजस्थान

Asha Saxena ने कहा…

शानदार ब्लॉग बुलेटीन |प्रो. विपिन चन्द्र जी को नमन |

Aparna Sah ने कहा…

achhi blog buletin...jankari deti hui.

Kajal Kumar ने कहा…

कार्ट्रन का भी लिंक देने के लि‍ए आभार जी.

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