Pages

गुरुवार, 20 जून 2019

जमीनी काम से ही समस्या का समाधान : ब्लॉग बुलेटिन


नमस्कार साथियो,
ये साहब हैं आनन्द दत्ता. एक बेहतरीन पत्रकार, फोटोग्राफर, रांची में रहते हैं. बिहार के कुख्यात चमकी बुखार के खिलाफ जागरुकता अभियान में जमकर लगे हुए हैं. रांची से चले, सुबह मुजफ्फरपुर पहुंचे. अस्पताल में कैम्प किया. पब्लिक फंडिंग से प्राप्त पैसों से पहले मरीज के परिजनों के लिये खाने का इन्तजाम कराया फिर पीने के पानी की व्यवस्था में जुट गये. दो वाटर प्यूरिफायर लगवा चुके हैं, तीसरा लगवा रहे हैं. इस बीच इनकी नजर गयी कि अस्पताल परिसर में 13-14 प्यूरिफायर पहले से लगे हैं जो छोटी-छोटी गड़बड़ी की वजह से बन्द हैं, सो उनको ठीक कराने में जुट गये. इसी दौरान इनकी नजर गयी कि परिजनों के बैठने की जगह लगे कई पंखे खराब हैं. इसके लिये इलेक्ट्रिशियन बुला लिए. मुश्किल से 70-80 हजार रुपये खर्च हुए होंगे लेकिन इन्होंने मरीजों के परिजनों के खाने-पीने और इस भीषण गर्मी में चैन से बैठने की व्यवस्था कर दी है. 

आनंद दत्ता ने अपनी वाल पर लिखा है कि शुरुआती काम हो चुका, भले ही अब पैसा मत भेजिए परन्तु गाँव-गाँव जाकर चमकी बुखार के खिलाफ जमीन पर काम करके जागरूकता अभियान के लिए वालंटियरों की अधिक आवश्यकता है. इसे कहते हैं पत्रकारिता और अभी उमर भी ज्यादा नहीं है बंदे की.


वाकई ऐसे लोगों से सीखने की आवश्यकता है. मीडिया या पत्रकारिता का काम सिर्फ समाचार बनाना भर नहीं होना चाहिए. लोगों का काम सिर्फ आश्वासन देना भर नहीं होना चाहिए. जमीनी काम ही असलियत में समस्या का समाधान होता है. आनंद दत्ता को साधुवाद.


++++++++++














9 टिप्‍पणियां:

  1. आनंद दत्ता जी की प्रतिबद्धता को प्रणाम!
    सुंदर संयोजन एवं प्रस्तुति के श्रमसाध्य कार्य के लिए प्रस्तुतकर्ता को साधुवाद!
    आभार!

    जवाब देंहटाएं
  2. वाह !आनंद दत्ता जी को साधुवाद, सुंदर संकलन, आभार !

    जवाब देंहटाएं
  3. आनंद दत्ता की प्रतिबद्धता को प्रणाम। सुन्दर लिंक्स से सुसज्ज्ति बुलेटिन।

    जवाब देंहटाएं
  4. ब्लॉग बुलेटिन में मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए धन्यवाद |

    जवाब देंहटाएं
  5. आवश्यकता इसी बात की हैं कि अस्पतालों में जा कर डॉक्टरों को कोसने की जगह गांवों में जा कर इस बीमारी के रोकथाम का प्रयास करना हैं जमीनी रूप से | बच्चो के कुपोषण को ख़त्म करना होगा |

    जवाब देंहटाएं
  6. आनंद दत्ता जी की प्रतिबद्धता को प्रणाम!

    जवाब देंहटाएं
  7. आनंद दत्ता जी को उनकी जीवटता हेतु प्रणाम
    कमाल का संयोजन, सभी रचनाकारों को बधाई
    मुझे सम्मिलित करने का आभार
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  8. वाह प्रेरणादायी व्यक्तित्व

    जवाब देंहटाएं
  9. आनंद दत्ता जी के इस कार्य का दूरगामी परिणाम निकलेगा।

    जवाब देंहटाएं

बुलेटिन में हम ब्लॉग जगत की तमाम गतिविधियों ,लिखा पढी , कहा सुनी , कही अनकही , बहस -विमर्श , सब लेकर आए हैं , ये एक सूत्र भर है उन पोस्टों तक आपको पहुंचाने का जो बुलेटिन लगाने वाले की नज़र में आए , यदि ये आपको कमाल की पोस्टों तक ले जाता है तो हमारा श्रम सफ़ल हुआ । आने का शुक्रिया ... एक और बात आजकल गूगल पर कुछ समस्या के चलते आप की टिप्पणीयां कभी कभी तुरंत न छप कर स्पैम मे जा रही है ... तो चिंतित न हो थोड़ी देर से सही पर आप की टिप्पणी छपेगी जरूर!