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सोमवार, 17 जून 2019

नाम में क्या रखा है - ब्लॉग बुलेटिन

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

जब ऑफिस की पुरानी मैडम ने चपरासी को "ओए" कह के बुलाया,
तो नई मैडम को उसपर तरस आया और बोली, "लोग जाने कहाँ से पढ कर आ जाते हैं, भला 'ओए' कहकर किसी को कभी बुलाते हैं?" "सुनो, मैं शिष्टाचार निभाऊंगी, तुम्हें तुम्हारे नाम से ही बुलाऊंगी।"

चपरासी गदगद हो गया, बोला, "आप सरीखे लोगों का ही हम गरीबों को साथ है, मैडम जी मेरा नाम 'प्राणनाथ' है।"

मैडम जी सकुचाई, पलभर कुछ ना बोल पाई, फिर कहा, "इस नाम से अच्छा न होगा तुम्हें बुलाना, अगर कोई पुकारने का नाम हो तो बताना!"

चपरासी बोला ,"मेरे घर में सब मुझे दुलारते हैं, बीवी से लेकर अब्बा तक सब 'बालम' कह कर पुकारते हैं।"

मैडम की समझ में कुछ न आया, एक नया आईडिया लगाया, बोली, "रहने दो, अब पहेलियां न बुझाओ, मोहल्ले वाले तुम्हें क्या कहते हैं ये बताओ!"

चपरासी बोला, "मैडम जी, सबका हम दिल बहलाते हैं, और मोहल्ले में 'साजन' कहलाते हैं।"

मैडम अब तक ऊब चुकी थी, ऊहापोह में डूब चुकी थी, कहा "मुए, ये सब नाम कहाँ से लिए जाएंगे, तू 'सरनेम' बता उसी से काम चलाएंगे।"

चपरासी बोला, "मैडम जी क्या करूं, दुनिया का सब 'गेम' है, आप 'सरनेम' से बुलाइए, 'स्वामी' मेरा 'सरनेम' है!"

अब मैडम झल्लाई, जोरों से चिल्लाई, " 'ओए' मेरा सिर मत खा, एक कप गरम चाय ले के आ!" 

सादर आपका

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 अब आज्ञा दीजिए ... 

जय हिन्द !!!

6 टिप्‍पणियां:

  1. नाम में कुछ है भी और नहीं भी....

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  2. बहुत सुन्दर भूमिका और बेहतरीन लिंक्स संकलन ।

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  3. हा हा ... नाम का भी महत्व है ...
    आभार मेरी ग़ज़ल को जगह देने के लिए ...

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  4. मजेदार कहानी ! नयी मैडम को भी सारा शिष्टाचार भुला गया यह नाम तो ! बड़ा वज़नदार नाम था ! सुन्दर सूत्रों से सुसज्जित आज का बुलेटिन ! मेरी प्रस्तुति को स्थान देने के लिए हार्दिक धन्यवाद शिवम् जी !

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