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रविवार, 5 नवंबर 2017

संसार के सबसे बड़े पापी

प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
प्रणाम |

संसार के सबसे बड़े पापी वो लोग होते हैं जो दिल जलाने वाली बात बोलने के बाद भी कहते हैं...
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"देख भाई बुरा मत मानना!"

सादर आपका
शिवम् मिश्रा

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अपने सबसे प्यारे दोस्त को ताउम्र खुश रख पाने का सुख.....

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अब आज्ञा दीजिये ...

जय हिन्द !!!

7 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर बुलेटिन शिवम जी ।

विरम सिंह ने कहा…

सुन्दर बुलेटिन
पोस्ट शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

विरम सिंह ने कहा…

सुन्दर बुलेटिन
पोस्ट शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

Anita ने कहा…

पठनीय सूत्रों से सजा बुलेटिन..आभार !

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति ...

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत आभार |

Ashok Sachde ने कहा…

स्व धर्म क्या है तो, आत्म तत्व ज्ञान आधारित मनुष्य जीव सिर्फ मानते ही नहीं अव्वल दर्जे के नागरिक की तरह अनुभूति के आधार पर जानते भी है और यह अलौकिक अनुभूति करने पर मनुष्य जीव का जीते-जी दुसरा जन्म होता है जीस में मरण नहीं सिर्फ स्मरण ही होता है मैं कौन हूं के साक्षात्कार की अनुभूति से जी, बहुत बढ़िया सुंदर सकारात्मक ऊर्जा उठीं मन में आपके लेखन द्वारा और गुरु कृपा से धन्यवाद सुप्रभात जी 🙏

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